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लॉकडाउन के बाद फिर से शुरू हुआ पल्स पोलियो कार्यक्रम

ब्यूरो 31-01-2021

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गाजीपुर। कोविड-19 शुरू होने के बाद पल्स पोलियो अभियान पर रोक लग गई थी। लेकिन एक बार फिर से इस अभियान का शुरुआत रविवार को महाराजगंज उप केंद्र पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के प्रतिनिधि अच्छे लाल गुप्ता एवं मंडल अध्यक्ष गोपाल राय के द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाकर शुभारंभ किया गया। इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम का आगाज किया गया।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने बताया कि कोविड-19 शुरू होने के बाद लॉकडाउन लग जाने की वजह से सत्र का संचालन नहीं हो सका था। लेकिन अब एक बार फिर से शासन के निर्देश पर पल्स पोलियो कार्यक्रम का आगाज किया गया है। जो 7 फरवरी तक जनपद के 2009 केंद्रों पर शुरू किया गया है। जनपद में 0 से 5 वर्ष के बच्चे की अनुमानित संख्या 5.6 लाख है। जिनको पोलियो की दवा पिलाई जाएगी । डोर टू डोर भ्रमण के लिए 948 टीम बनी है, 328 सुपरवाइजर बनाये गए है और 85 ट्रांजिट टीम वनी है। जो बस स्टैंड , रेलवे स्टेशन या टैक्सी स्टैंड पर पोलियो की दवा पिलायगी।, तथा 64 मोबाइल टीम वनी है , जो इट भट्टा या घुमंतू परिवार के लोगो को पोलियो की दवा पिलायगी।

उन्होंने बताया की पोलियो एक संक्रामक रोग है जो पोलियो विषाणु से मुख्‍यतः छोटे बच्‍चों में होता है। यह बीमारी बच्‍चें के किसी भी अंग को जिन्‍दगी भर के लिये कमजोर कर देती है। पोलियो लाईलाज है क्‍योंकि इसका लकवापन ठीक नहीं हो सकता है। बचाव ही इस बीमारी का एक मात्र उपाय है। पोलियो स्‍पाइनल कॉर्ड व मैडुला की बीमारी है। स्‍पाइनल कॉर्ड मनुष्‍य का वह हिस्‍सा है जो रीड की हड्डी में होता है। पोलियो मॉंसपेशियों व हड्डी की बीमारी नहीं है। पोलियो वासरस ग्रसित बच्‍चों में से एक प्रतिशत से भी कम बच्‍चों में लकवा होता है। बच्चों मे पोलियों विषाणु के विरूद्व किसी प्रकार की प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती है इसी कारण यह बच्‍चों में होता है।

पोलियो से बचाव के उपाय
पोलियो विषाणु के विरूद्व प्रतिरोधक क्षमता उत्‍पन्‍न के लिए ‘नियमित टीकाकरण कार्यक्रम’ व ‘पल्‍स पोलियो अभियान के उन्‍तर्गत पोलियों वैक्‍सीन की खुराकें दी जाती है। ये सभी खुराके 05 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्‍चों के लिये अत्‍यन्‍त आवश्‍यक है। बार-बार और एक साथ खुराक पिलाने से पूरे क्षेत्र के 05 वर्ष तक की आयु के सभी बच्‍चों में इस बीमारी से लडने की एक साथ क्षमता बढती है, और इससे पोलियो विषाणु को किसी भी बच्‍चे के शरीर में पनपने की जगह नहीं मिलेगी, जिससे पोलियो का खात्‍मा हो जायेगा।

इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एसीएमओ डॉ केके वर्मा, डॉ मनोज सिंह ,डीपीएम प्रभुनाथ, मुंशीलाल चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुभाकरपुर, सीडीपीओ सदर ,बीपीएम सदर एवं लेखा सहायक अमित राय उपस्थित रहे।

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