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नौ से पाँच वर्ष तक के बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन-ए व आयरन सीरप

ब्यूरो 21-12-2021

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गाजीपुर। शासन के निर्देशानुसार साल दो बार बाल स्वास्थ्य पोषण माह अभियान चलाया जाता है। इस साल का दूसरा चरण 22 दिसम्बर से 21 जनवरी तक चलाया जाएगा। नौ माह से पाँच साल तक के बच्चों को कई तरह की बीमारियों से बचाने के लिए यह अभियान चलाया जाएगा।

इस अभियान में नौ माह से पाँच साल तक के बच्चों को विटामिन –ए व आयरन सीरप से लाभान्वित किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में हुयी जिला स्तरीय  बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता एसीएमओ डॉ उमेश कुमार ने की ।
इस दौरान सभी स्वास्थ्य केंद्रों से आए हुए ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक (बीपीएम) एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात ब्लॉक स्तर पर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। इस दौरान बैठक में शामिल लोगों को यूनिसेफ से मंडलीय समन्वयक अंजनी कुमार राय ने सैम(अति कुपोषित) बच्चों का चिन्हांकन, पोर्टल पर पंजीकरण के साथ ही प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गयी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने बताया कि इस अभियान में नौ माह से पाँच वर्ष तक के लक्षित 6.30 लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। इस दवा से बाल रोगों की रोकथाम होती है। इसके अलावा अभियान का उद्देश्य स्तनपान, बच्चों को पूरक आहार को बढ़ावा देने और कुपोषण से बचाव करना, गर्भवती को आयोडीन युक्त नमक के प्रयोग को बढ़ावा देना है। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा, एएनएम तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। अभियान के अंतर्गत बच्चों का वजन भी लिया जाएगा तथा कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान करने के बाद उनका समुचित उपचार किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को अस्पतालों में इलाज के लिए भी भेजा जाएगा।
डॉ उमेश कुमार ने बताया कि सैम बच्चों को चिन्हित करने के प्रमुख लक्षण पैरों में सूजन, भूख में कमी, बुखार, तेज सांस चलना, निमोनिया के लक्षण, उल्टी एवं दस्त है। ऐसे बच्चों को तत्काल चिन्हित कर उनके प्राथमिकी की जांच शुरू कराई जाएगी। ऐसे बच्चों का क्षेत्र में जाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तत्काल बच्चे का वजन कर लें। इसके अलावा बच्चे की लंबाई तथा ऊंचाई भी नाप ले और जो भी रिजल्ट आए उन्हें अपने चार्ट के अनुसार मिलाकर सैम बच्चों को चिन्हित करें।
बैठक में चाई, यूएनडीपी एवं यूनिसेफ के जिला प्रतिनिधि के साथ ही एआरओ भी मौजूद रहे।

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