जमानियाँ(गाजीपुर)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरुइन स्थित मठिया नहर पुलिया से शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे नहर में गिरने के कारण 59 वर्षीय मानस मर्मज्ञ पं० सतीश चन्द्र तिवारी की असामयिक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार पं० सतीश चन्द्र तिवारी स्टेशन बाजार स्थित राधाकृष्ण मंदिर पर पूजा करने के लिए अपने पैतृक आवास बरुइन से नित्यकर्म करके करीब पौने चार बजे निकले। रास्ते में दिलदारनगर रजवाहा पर निर्मित मठिया नहर पुलिया पर अपना झोला व कुर्ता रखकर वही आराम करने के लिए बैठ गये। कुछ ही देर बाद अचानक नहर में गिर गये। कुछ सवेरा हुआ तो ग्रामीण पुलिया पर पहुंचे तो देखा कि झोला व कुर्ता रखकर पंडित जी नही है तो लोगों ने समझा कि शौच करने गये होगे लेकिन काफी देर तक पता नही चला तो इधर-उधर खोजे लेकिन पता न चलने के कारण ग्रामीणों ने अनुमान लगाया की नहर में गिर गये होगे। नहर में गिरने की खबर गॉव में जंगल की आग की तरह फैल गई। कुछ ही देर में ग्रामीणों की काफी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने दिलदारनगर रजवाहा का गेट बंद कराकर नहर में खोज बीन शुरू की तो उनका शव लोकवा-टोकवा गॉव के सामने नहर में दिखाई दिया। तत्काल ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला तो प्राण पखेरू उड़ गये थे। ग्रामीणों ने बताया ब्लड प्रेशर की दवा खाते थे। हो सकता है कि ब्लड़ प्रेशर बढ़ने या घटने के कारण ऐसा हो गया हो। मानस मर्मज्ञ के मौत की सूचना मिलते ही गॉव व क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
ज्ञात हो कि पं० सतीश चन्द्र तिवारी चर्चित मानस प्रवचन कर्ता थे। इनके द्वारा भरत चरित्र का किया जाने वाला प्रवचन काफी लोकप्रिय था। स्टेशन बाजार स्थित रामलीला मैदान में प्रतिवर्ष इनकी अगुवाई में पाँच दिवसीय विराट मानस प्रवचन करवाया जाता था। इनके एक पुत्र व एक पुत्री है। दोनों की शादी हो चुकी है। पुत्र विदेश में नौकरी करता है। अंत्येष्ठी पुत्र के आने के बाद किया जायेगा।