ग़ाज़ीपुर (5 अक्टूबर 22)। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा 2012 में जब 108 एंबुलेंस सेवा शुरू की गई थी तब उन्होंने यह कभी नहीं सोचा था की 108 एंबुलेंस की सेवा आमजन के लिए इतनी लोकप्रिय हो जाएगी कि वह लोगों के लिए संजीवनी बनने का काम करेगी। वही 102 एंबुलेंस भी 108 एंबुलेंस को टक्कर देती नजर आ रही है। जिस का नजारा सैदपुर ब्लॉक के इशोपुर गांव में देखने को मिला। जब प्रसव से पीड़ित महिला के लिए 102 एंबुलेंस के लिए कॉल किया गया और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। और गर्भवती को लेकर स्वास्थ्य केंद्र के लिए चली। लेकिन रास्ते में दर्द बढ़ जाने के कारण आशा कार्यकर्ता और ईएमटी की मदद से एंबुलेंस के अंदर ही उसका सुरक्षित प्रसव कराया गया।
102 और 108 एंबुलेंस के ब्लॉक प्रभारी मोहम्मद फरीद ने बताया कि मंगलवार को सैदपुर ब्लॉक के इशोपुर गांव से आशा कार्यकर्ता का 102 एंबुलेंस के लिए कॉल आया। बताया गया कि अनीता पत्नी भीम चौहान जो इशोपुर गांव सभा की रहने वाली है। वह प्रसव पीड़ा से पीड़ित है जिसके बाद एंबुलेंस चालक राकेश यादव और ईएमटी अमरेंद्र कुमार गौतम बताए गए लोकेशन पर क्विक रिस्पांस करते हुए पहुंचे। फिर वहां से गर्भवती को एंबुलेंस में बैठा कर आशा कार्यकर्ता के साथ उपकेंद्र अनौनी के लिए चलें। लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ जाने के कारण परिवार की महिलाएं आशा कार्यकर्ता और ईएमटी की मदद से एंबुलेंस के अंदर ही उनका सुरक्षित प्रसव कराया गया। उसके पश्चात जच्चा और बच्चा को उपकेंद्र अनौनी ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां पर ए एन एम के द्वारा जच्चा और बच्चा को सुरक्षित बताया गया जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस लिया।