Skip to content
City Super Fast News

City Super Fast News

Your Voice…

Primary Menu

2040 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किया जा रहा जैविक खेती

ब्यूरो 13-12-2022

हमारे पोस्ट को करें:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Tumblr (Opens in new window) Tumblr
  • Share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
CSF Logo

गाजीपुर 13 दिसम्बर, 2022(सू0वि0)। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अघ्यक्षता में जनपद में नमामि गंगे परियोजना अन्तर्गत जैविक खेती योजना/ यू0पी डास्प अन्तर्गत शासी समिति की बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में सम्पन्न हुआ।

बैठक में बताया गया कि यू0पी0डास्प गाजीपुर मे संचालित नमामि गंगे योजनान्तर्गत चयनित 5 विकास खण्डो में 102 कलस्टर का गठन कर 3638 कृषको का चयन कर 2040 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जैविक खेती की जा रही हैं। योजना के प्रथम वर्ष में कृषकों को जैविक खेती हेतु प्रमाणीकरण संस्था द्वारा 3638 कृषकों को पी०जी०एस० ग्रीन प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है, साथ ही जैविक खेती में किये गये कार्यों व निवेश का प्रोत्साहन धनराशि भुगतान कर दिया गया हैं। द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष के खरीफ के कार्यों एवं निवेश का प्रोत्साहन धनराशि मुख्यालय से बजट प्राप्त नही होने के कारण अवशेष है। तृतीय वर्ष में खरीफ फसलो की जैविक खेती के मापदण्डो को अपनाते हुए सम्पन्न कर लिया गया तथा वर्तमान में रवी फसलो की बुवाई लगभग 90 प्रतिशत तक पूर्ण कर लिया गया है। जैविक उत्पादो में कृषको द्वारा उत्पादित सरप्लस उत्पाद के विपणन हेतु स्थान/बाजार उपलब्ध न होने के कारण समान्य रासायनिक उत्पाद से अधिक मूल्य नही मिल पा रहा हैं जिससे कृषको मे अपेक्षित आय में वृद्धि नहीं हो पा रहीहैं । बताया गया कि जनपद में 4 एफ०पी०ओ० का गठन कर चरणबद्ध कार्य किया जा रहा क्षेत्र में चयनितकृकृषकों से वार्ता करने पर उनके द्वारा बताया गया कि जैविक निवेश की प्रोत्साहन धनराशि भुगतान नही होने के कारण किसान हतोस्ताहित हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने गठित एफ पी ओ को विभिन्न पोर्टल पर अपने व्यवसायिक कार्ययोजना को प्रचारित-प्रसारित करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जिला परियोजना समन्वयक को निर्देशित किया कि अपनी टीम के साथ मण्डी सचिव, जिला उद्यान अधिकारी, वन विभाग, कृषि विभाग से समन्वय स्थापित कर कुछ पारम्परिक उत्पादो (महुआ, रागी, बाजरा को अपने कार्यक्रम मे सम्मिलित करें। सभी एफ पी ओ अपने नाम से अपने उत्पाद को विक्रय करें परन्तु जिले का एक ब्रांड नेम होना चाहिये। जिस पर जिलाधिकारी ने ब्रान्ड नेम जम्दग्नि जैविक उत्पाद, गाजीपुर के नाम सहमति व्यक्त किया। जिस यूपीडास्प जैविक प्रमाणीकरण का लोगो होना आवश्यक है।
उन्होने कहा कि जैविक उत्पादों के विक्रय/प्रचार प्रसार हेतु वन विभाग से सम्पर्क कर प्रचार प्रसार केन्द्र जिला परियोजना समन्वयक को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने शहर की मण्डी में जैविक उत्पादों के बिक्री हेतु एक स्थान सुरक्षित करने हेतु मण्डी सचिव को निर्देशित किया। जैविक खेती से जुड़े कृषको के भुगतान हेतु उनके भू-भाग एवं निवेश से सम्बन्धित प्रोत्साहन राशि के भुगतान हेतु राजस्व विभाग एवं विकासखण्ड अधिकारियों के माध्यम से कराने हेतु जिला परियोजना समन्वयक को निर्देशित किया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, कृषि विज्ञान केन्द्र आंॅकुसपुर के वैज्ञानिक, मण्डी सचिव, सपोर्ट एजेंसी के परियोजना प्रभारी, प्रमाणीकरण संस्था के प्रभारी रामनन्द यादव उपस्थित थे।

संबंधित समाचार

Post navigation

Previous: प्रेम प्रसंग में हुई युवक की हत्या
Next: तीन तमन्चा व चार जिन्दा कारतूस के साथ तीन अपराधी गिरफ्तार

हो सकता है आप चूक गए हों

IMG-20260313-WA0022

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का हुआ वितरण

ब्यूरो 13-03-2026
IMG-20260313-WA0021

गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, डीएम ने एजेंसी प्रतिनिधियों संग की बैठक

ब्यूरो 13-03-2026
IMG-20260313-WA0020

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक सम्पन्न

ब्यूरो 13-03-2026
CSF-Logo-500x280

आवासीय खेल छात्रावास के लिए 23 से 26 मार्च तक होंगे चयन ट्रायल

ब्यूरो 13-03-2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.