गाजीपुर 03 जुलाई, 2023 (सू0वि0)। महिलाओं का कार्यस्थल पर लैगिंक उत्पीड़न (निवारण प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 के तहत प्रत्येक शासकीय एवं अर्द्वशासकीय कार्यालय, निगम, संस्थान, निकाय, उपक्रम परिसर, बोर्ड इत्यादि जिसमें 10 या उससे अधिक संख्या कार्मिक कार्यरत है में आन्तरिक परिवाद समिति का गठन किये जाने का निर्देश है।
जिसके सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा समस्त कार्यालयाध्यक्षो को पूर्व में पत्र जारी किया गया है। आन्तरिक परिवाद समिति का गठन नियमानुसार अधिनियम के धारा 4 के अनुरूप होना है। इसके बाद भी कई विभागो/कार्यालय द्वारा समिति का गठन नही किया गया है। समिति का गठन उस कार्य स्थल पर वरिष्ठ नियोजित महिला की अध्यक्षता में होगा (अनउपलब्धता की स्थिति में अन्य कार्यालय से महिला कार्मिक), जिसमें दो सदस्य सम्बन्धित कार्यालय से तथा एक सदस्य गैर सरकारी संगठन या कोई व्यक्ति जो लैगिंक उत्पीड़न के मुद्दो से परिचित हो। समिति का पीठासीन अधिकारी और प्रत्येक सदस्य अपने नाम निर्देशन की तारीख से तीन वर्ष के अवधि के लिए पद धारण करेगा।
समितियों का गठन की सूचना, जिसमें आन्तरिक परिवाद समिति के पीठासीन अधिकारी/सदस्यों का नाम/पदनाम, मोबाइल नम्बर, ई-मेल आईडी सहित समिति का गठन कर जिला प्रोबेशन कार्यालय गाजीपुर में अतिशीघ्र उपलब्ध कराया जाना है। जिला प्रोबेशन अधिकारी गाजीपुर ने बताया है कि यदि कोई नियोजक अपने कार्यस्थल में नियमानुसार आन्तरिक समिति का गठन न किये जाने पर सिद्धदोष ठहराया जाता है तो नियोजक पर पच्चास हजार रू0 का अर्थ दण्ड अधिरोपित किये जाने का प्रावधान है तथा नियोजक दूसरी बार सिद्धपोष ठहराया जाता है तो पहली दोषसिद्ध पर अधिरोपित दण्ड से दुगनी दण्डता जारी होगा।