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फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, कुछ विशेष बातों को ध्यान में रख कर इससे बचा जा सकता है -डीएमओ

ब्यूरो 14-10-2023

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गाजीपुर ।फाइलेरिया एक गंभीर लाइलाज बीमारी है । यह जमीन की ओर लटक रहे जुड़वा अंगों जैसे -महिलाओं के स्तन, महिला पुरुष के हाथ पैर व पुरुषों के अंडकोश में सूजन पैदा कर देती है । प्रभावित अंगों की ठीक से देखभाल न की जाय तो बीमारी अधिक गंभीर हो जाती है । इसके लिए जनपद के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में फाइलेरिया रोगियों को (रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम) एमएमडीपी किट प्रदान कर मरीजों को प्रभावित अंगों की देखभाल के तरीके बताए गए ।

शुक्रवार को सदर ब्लॉक के बयेपुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने 10 फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी किट प्रदान की। इस दौरान डीएमओ और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) ऋतु सिंह ने फाइलेरिया प्रभावित अंगों की समुचित देखभाल के प्रति जागरूक किया। इसके साथ ही सदर ब्लॉक के ही फतेउलापुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और करंडा ब्लॉक के मुड़वल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर छह-छह रोगियों को एमएमडीपी प्रदान की गई। इस दौरान फतेउलापुर की सीएचओ पूनम पटेल और मुड़वल की सीएचओ जिज्ञासा ने रोगियों को फाइलेरिया के लक्षण, जांच, उपचार व परामर्श के बारे में जानकारी दी।

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया रोग का कोई इलाज नहीं है लेकिन उचित देखभाल से इसे गंभीर होने से रोका जा सकता है। इसके लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में एमएमडीपी कैंप आयोजित कर प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए मरीजों को कुछ व्यायाम का अभ्यास कराया गया और दी गयी किट के माध्यम से प्रभावित अंगों की साफ सफाई के तरीके सिखाये गए । जिससे प्रभावित अंगों में किसी प्रकार के संक्रमण न हो।

क्या है फाइलेरिया ? डीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज मच्छर जनित रोग है। यह मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसे लिम्फोडिमा (हाथी पांव) भी कहा जाता है। यह बीमारी न सिर्फ व्यक्ति को दिव्यांग बना देती है बल्कि इस वजह से मरीज की मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। यह बीमारी न हो इसके लिए साल में एक बार दो वर्ष से अधिक आयु के लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराया जाता है। इसके अलावा इस रोग से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग व घर के आस-पास व अंदर साफ-सफाई, इक्कठा हुए पानी को नष्ट कर मच्छरों से बचा जा सकता है ।

सीएचओ भी निभा रहे अहम भूमिका , मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल  ने बताया कि फाइलेरिया प्रभावित रोगियों के घर के नजदीक ही एमएमडीपी किट के साथ देखभाल व परामर्श मिलता रहे, इसके लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात सभी सीएचओ को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करने के निर्देश दिये गए हैं हैं। सीएचओ के माध्यम से स्क्रीनिंग, देखभाल, परामर्श के साथ ही आवश्यक दवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही गंभीर रोगियों को टेली कंसल्टेंसी के माध्यम से चिकित्सक/विशेषज्ञ से परामर्श की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा आवश्यक जांच व उपचार के लिए उच्च इकाइयों में रेफर किया जा रहा है।

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