Skip to content
City Super Fast News

City Super Fast News

Your Voice…

Primary Menu

जनपद को फाइलेरिया मुक्त बनाने हेतु लगातार प्रयासरत है सरकार

ब्यूरो 23-11-2023

हमारे पोस्ट को करें:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Tumblr (Opens in new window) Tumblr
  • Share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
IMG-20231123-WA0005

गाजीपुर।  जनपद को फाइलेरिया मुक्त बनाने व दिव्यांग्ता रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिधउत, पंचायत भवन पर फाइलेरिया (हाथी पांव) से ग्रसित 24 रोगियों को रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम (एमएमडीपी) किट और आवश्यक दवा प्रदान की गई। साथ ही रोगियों को घाव की नियमित सफाई के तरीके, योगा व सामान्य व्यायाम के बारे में बताया गया।
इस मौके पर जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार एवं पाथ संस्था के आरएनटीडीओ डॉ अबू कलीम ने सभी रोगियों को एमएमडीपी किट के बारे में सभी रोगियों को प्रशिक्षित किया और एमएमडीपी किट प्रदान की। इस दौरान फाइलेरिया रोगी सहायता समूह (पीएसजी) नेटवर्क के 14 रोगियों को भी किट व प्रशिक्षण दिया। डीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया ग्रस्त अंगों मुख्यतः पैर की साफ-सफाई रखने से संक्रमण का डर नहीं रहता है और सूजन में भी कमी रहती है। इसके प्रति लापरवाही बरतने पर अंग खराब होने लगते हैं। इससे समस्या बढ़ जाती है। संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए दवा भी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिनके हाथ-पैर में सूजन आ गई है या फिर उनके फाइलेरिया ग्रस्त अंगों से पानी का रिसाव होता है। इस स्थिति में उनके प्रभावित अंगों की साफ-सफाई बेहद आवश्यक है। इसलिए एमएमडीपी किट प्रदान की जा रही है। इस किट में एक-एक टब, मग, बाल्टी तौलिया, साबुन, एंटी फंगल क्रीम आदि शामिल हैं। पीएसजी नेटवर्क के सदस्य समुदाय को फाइलेरिया के प्रति जागरूक कर रहे हैं। साथ ही बीमारी से जुड़े मिथक को भी दूर कर रहे हैं। डॉ अबू कलीम ने सभी आशा कार्यकर्ताओं और संगिनी को फाइलेरिया (हाथ-पैरों में सूजन और अंडकोषों में सूजन) के कारण, लक्षण, पहचान, जांच, उपचार व बचाव आदि के बारे में विस्तार से बताया। फाइलेरिया की सभी ग्रेडिंग (हाथ-पैरों में सूजन व घाव की स्थिति) के बारे में जानकारी दी। एमएमडीपी किट को हाथीपांव ग्रसित रोगियों के उपयोग के बारे में बताया।

पीएसजी सदस्य समुदाय को कर रहे जागरूक – दीपक स्वयं सहायता समूह की सदस्य कुमारी (59) लगभग सात वर्ष से फाइलेरिया बीमारी से ग्रसित हैं। उन्होंने बताया कि जानकारी के अभाव से उन्होंने करीब तीन साल तक झाड़ फूंक कराया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ जड़ी बूटी का भी सेवन किया लेकिन इससे भी कोई फायदा नहीं हुआ। अब समूह से जुड़कर डॉक्टर से फाइलेरिया देखभाल के लिये सम्पूर्ण जानकारी मिली और साथ ही एमएमडीपी किट भी दी गई। वह अपने सूजे हुये पैरों की नियमित देखभाल कर रही हैं। इससे आराम मिल रहा है। सुरेन्द्र (63) ने बताया कि वह 18 साल से फाइलेरिया हाथीपांव से ग्रसित हैं। उनके पैरों में सूजन होने से यही भ्रांति हुई कि यह सामान्य है सही हो जाएगा। लेकिन समूह से जुड़ने के बाद पता चला की फाइलेरिया मच्छर काटने से ही होता है। अब किट के जरिये हम अपने सूजे हुये पैरों की साफ-सफाई और देखभाल करते हैं। साथ ही योगा व सामान्य व्यायाम भी कर रहे हैं जिससे आराम मिल रहा है। इसके अलावा समुदाय में फाइलेरिया से बचाव के बारे में जागरूक भी कर रहे हैं। इस मौके पर आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी, संगिनी बसंती प्रजापति, सीफार संस्था के प्रतिनिधि एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

संबंधित समाचार

Post navigation

Previous: मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने किया प्रतिष्ठान का निरीक्षण
Next: सुबह से ही लगी रही स्नानार्थियों की भीड़

हो सकता है आप चूक गए हों

IMG-20260307-WA0037

ट्रिपल मर्डर मामले का ₹25 हजार इनामी आरोपी गिरफ्तार

ब्यूरो 07-03-2026
IMG-20260307-WA0038

तलवार के साथ युवक गिरफ्तार

ब्यूरो 07-03-2026
CSF-Logo-500x280

दो बाइकों की टक्कर में बिहार के दो युवकों की दर्दनाक मौत

ब्यूरो 07-03-2026
CSF-Logo-500x280

पुरानी रंजिश में दंपत्ति पर हमला, घर का गेट तोड़ा

ब्यूरो 07-03-2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.