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योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति की प्रतिक्रिया

गाजीपुर। सिद्धपीठ हरिहरपुर कालीधाम में बुधवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी धर्मों के लोग मिलजुलकर रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस प्रकार सरकार का नियंत्रण बड़े मंदिरों और मठों पर है, उसी तरह वक्फ की संपत्तियों और मस्जिदों पर भी सरकारी अधिकार होना चाहिए। उनके अनुसार, मंदिर, मठ, मस्जिद और गिरजाघरों जैसी धार्मिक स्थलों की संपत्तियों की रक्षा के लिए सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है।

महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति ने समाज में बढ़ती असंतुलन की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि वर्तमान समय में रामचरितमानस और भगवान श्रीराम की शिक्षाएं अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि श्रीराम ने समाज के हर वर्ग को साथ लेकर असत्य पर विजय प्राप्त की थी और उनके जीवन के आदर्श आज के समाज के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस घर में श्रीरामचरितमानस का पाठ होगा, वहां शांति और समृद्धि बनी रहेगी। संघ प्रमुख मोहन भागवत की सराहना करते हुए उन्होंने उन्हें एक अलौकिक पुरुष बताया, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि बिगड़ते राजनीतिक माहौल में मोहन भागवत की यह टिप्पणी कि “हर मस्जिद के नीचे मंदिर न खोजें” अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर उन्होंने कहा कि यदि योगी जी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह देश के लिए एक अच्छी बात होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सिद्धपीठ बुढ़िया माई के मंदिर में मोहन भागवत की गहरी आस्था है।इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं और मीडिया प्रतिनिधियों ने महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और उनसे समाज व राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।