जमानियां। स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक भव्य संगोष्ठी एवं विविध कार्यक्रमों का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्नातक प्रथम वर्ष की छात्राओं द्वारा राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से हुआ, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।
इस अवसर पर 91 यूपी एनसीसी बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल अमर सिंह के मार्गदर्शन में महाविद्यालय की एनसीसी इकाई द्वारा विशेष राष्ट्रीय चेतना कार्यक्रम संचालित किया गया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और सांस्कृतिक गौरव का उद्घोष है। कार्यक्रम में उपस्थित एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर डॉ. अंगद प्रसाद तिवारी ने कहा कि “राष्ट्रहित सर्वोपरि है, और एनसीसी प्रशिक्षण युवाओं को देश के प्रति समर्पण सिखाता है|उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्रीय चेतना में इसकी भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। महाविद्यालय के लगभग सभी कैडेट्स ने उत्साह और अनुशासन के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगोष्ठी में वरिष्ठ आचार्य प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की शक्ति, भक्ति और मातृभूमि के प्रति निष्ठा का शाश्वत संदेश है। इतिहास विभाग के डॉ. संजय कुमार सिंह ने इसे ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का आधार बताया। वहीं राजनीति विभाग के डॉ. अमित कुमार ने राष्ट्रगीत के स्वतंत्रता आंदोलन में उल्लेखनीय योगदान पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. अभिषेक तिवारी ने कहा कि “ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाते हैं। NCC और शैक्षणिक गतिविधियों का समन्वित स्वरूप विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण और नेतृत्व क्षमता को विकसित करता है।” समापन पर प्राचार्य प्रो. श्रीनिवास सिंह ने कहा कि यह गीत देश की एकता और अखंडता को मजबूत रखने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर आईक्यूएसी प्रभारी प्रो. अरुण कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, डॉ. महेंद्र कुमार, शिक्षकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं NCC कैडेट्स उपस्थित रहे। अंत में राष्ट्र उन्नति हेतु सामूहिक संकल्प ग्रहण किया गया।


