जमानियां। कोतवाली क्षेत्र के बरेसर नहर मार्ग पर पुलिस ने गुरुवार तड़के एक पिकअप वाहन से छह गोवंश बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं वाहन चालक पुलिस पर फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गया। पूछताछ में पकड़े गए आरोपी से गो-तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान हो गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, उपनिरीक्षक अश्वनी प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ वाहन चेकिंग में थे। इसी दौरान रेलवे क्रॉसिंग के पास बिना नंबर प्लेट की एक पिकअप दिखाई दी, जो पूरी तरह त्रिपाल से ढकी थी। रुकने का संकेत देने पर चालक तेज रफ्तार से भागने लगा। पीछा करने पर उसने पुलिस की निजी कार में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे पुलिस वाहन सड़क किनारे जा रुका। करीब 200 मीटर आगे पिकअप अनियंत्रित होकर रुक गई। पुलिस टीम के पहुंचते ही चालक खेतों की ओर भागा और पुलिस पर दो राउंड फायर किए। हालांकि किसी को गोली नहीं लगी। वाहन में बैठे एक व्यक्ति को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया, जिसने अपना नाम आकाश यादव, निवासी लछिरामपुर, मिर्जापुर बताया। उसके मुताबिक, फरार चालक सभाजीत यादव उर्फ शालू है।
पूछताछ में आरोपी आकाश ने बताया कि वे दोनों दो गाय और चार बछड़ों को ग्राम लडिरामपुर से वध के लिए बिहार ले जा रहे थे। गोवंशों को नशीला इंजेक्शन लगाकर उनके पैर और मुंह बांधकर पिकअप में ठूंस दिया गया था। उनकी हालत बेहद खराब थी और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। आरोपी ने गैंग के अन्य सदस्यों—संदीप राजभर, गोलू यादव उर्फ अभिषेक यादव और सोनू यादव—के नाम भी उजागर किए, जो तस्करी और बिक्री में शामिल हैं।
वाहन की जांच में पिकअप पटना निवासी संजय कुमार एंड कंपनी के नाम पंजीकृत मिली। पुलिस ने वाहन और सभी छह गोवंश को कब्जे में लेकर सुरक्षित कोतवाली पहुंचाया। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 109(1) बीएनएस, 3/5 ए/8 गो-वध निवारण अधिनियम तथा 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।