गाजीपुर| उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की माननीय सदस्य श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने तथा महिला अपराध, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, पति द्वारा मारपीट, दहेज उत्पीड़न सहित किसी भी प्रकार से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के उद्देश्य से आयोजित सुनवाई कार्यक्रम का नेतृत्व किया। यह सुनवाई लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस/निरीक्षण गृह में पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित की गई। सुनवाई के दौरान माननीय सदस्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुसार महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और उत्पीड़न से मुक्ति दिलाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं की विकास के विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाना मुख्यमंत्री जी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि आयोग में आने वाले प्रत्येक मामले का गहन विश्लेषण कर, संबंधित अधिकारियों के सहयोग से उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। आज की जनसुनवाई में कुल 09 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिन पर माननीय सदस्य ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को शीघ्र जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के निर्देश दिए। सुनवाई के उपरांत माननीय सदस्य मीरनपुर सक्का, सदर विकास खंड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुँचीं, जहाँ उन्होंने केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दो गर्भवती महिलाओं का गोद भराई तथा एक नवजात शिशु का अन्नप्राशन कराया। गर्भवती महिलाओं को फल की टोकरी देकर सम्मानपूर्वक गोदभराई की रस्म पूरी की गई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर राकेश मिश्रा, क्षेत्राधिकारी सदर शेखर सेंगर, महिला थाना प्रभारी नीतू मिश्रा, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सोनी, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी, तथा अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।