ज़मानिया| हिन्दू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एनसीसी डे का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति के वातावरण में भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम की कार्यवाही 91 यूपी बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल अमर सिंह के उत्कृष्ट निर्देशन में सम्पन्न हुई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल अमर सिंह ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि— “एनसीसी केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में युवाओं को सक्षम बनाने वाली जीवनशैली है। हर कैडेट में नेतृत्व, अनुशासन और सेवा-भावना राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है।”एडीएम ऑफिसर कर्नल भरत पूनिया ने एनसीसी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि— “एनसीसी युवा शक्ति को एकजुट कर राष्ट्र को सशक्त बनाती है। कैडेट्स देश की रक्षा, सामाजिक सेवा और आपदा प्रबंधन में सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा— “एनसीसी न केवल व्यक्तित्व का विकास करती है, बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व और जिम्मेदारी का भाव भी पैदा करती है। हमें गर्व है कि हमारे महाविद्यालय के कैडेट्स निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।” कैडेट अंगद तिवारी ने एनसीसी के नैतिक मूल्यों, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पर अपना प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी छात्रों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम की मुख्य झलकिया:- एनसीसी ध्वजारोहण के साथ समारोह का शुभारंभ, उत्साह से भरपूर एनसीसी गीत की सामूहिक प्रस्तुति, कैडेट्स द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम, परिसर में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश, बड़ी संख्या में कैडेट्स, शिक्षकगण व महाविद्यालय परिवार की उपस्थिति|एनसीसी युवा पीढ़ी में अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग, देशभक्ति, आपदा प्रबंधन कौशल, आत्म-विश्वास और चरित्र निर्माण के गुण विकसित करती है। यह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं को अनुशासन की राह पर चलते हुए राष्ट्र की सेवा करने के लिए तैयार करने वाला सबसे प्रभावी मंच है| एनसीसी डे कार्यक्रम ने महाविद्यालय के छात्रों में नवीन ऊर्जा, देशभक्ति और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को और अधिक प्रबल किया। यह आयोजन कैडेट्स के लिए न केवल सीखने का अवसर रहा, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन में उतारने का संकल्प भी दिलाया।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए डॉ. अभिषेक तिवारी को आभार, जिन्होंने पूरे आयोजन को उत्कृष्ट रूप से संचालित किया।





