गाज़ीपुर|जनपद गाज़ीपुर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट में कई मामलों में मिलावट और मानक-विरुद्ध सामग्री की पुष्टि होने पर न्याय निर्णायक अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार (वि./रा.), गाज़ीपुर की अदालत ने कुल 10 मामलों में 3,90,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत लिए गए नमूने खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, उत्तर प्रदेश भेजे गए थे, जहाँ जांच में मिलावट की पुष्टि होने के बाद संबंधित मामलों में अदालत में वाद प्रस्तुत किए गए। निर्धारित समय पर अर्थदंड जमा न होने की स्थिति में वसूली आरसी (राजस्व वसूली) के माध्यम से की जाएगी।
अर्थदंड लगाए गए प्रमुख मामले:
सुबाष राम बिन्द, निवासी–कुकुढ़ा, शादियाबाद: बिना पंजीकरण अधोमानक खोया बेचने पर ₹40,000 दंड
प्रहलाद प्रसाद गुप्ता, निवासी–महमूदपुर, शादियाबाद: बाह्य पदार्थ युक्त छेना मिठाई बेचने पर ₹40,000 दंड
मुन्ना सिंह यादव, निवासी–इजरी, सुहवल: बिना पंजीकरण भैंस का अधोमानक दूध बेचने पर ₹40,000 दंड
ओम प्रकाश सिंह, निवासी–ढ़ढनी, सुहवल: बिना पंजीकरण मिश्रित दूध बेचने पर ₹40,000 दंड
प्रहलाल प्रसाद, निवासी–नायकडीह, दुल्लहपुर: बिना बिल/कैश मेमो मिथ्याछाप काजू (पीसीके ब्रांड) बेचने पर ₹45,000 दंड
प्रकाश कुमार गुप्ता, निवासी–दिलदारनगर: बिना पंजीकरण बेसन लड्डू का विक्रय करने पर ₹45,000 दंड
जयप्रकाश, निवासी–दुल्लहपुर: बिना पंजीकरण मिथ्याछाप सेवई (परफेक्ट गोल्ड ब्रांड) बेचने पर ₹45,000 दंड
निर्भय पाटिल, निवासी–सैदपुर: मिथ्याछाप धनिया पाउडर बेचने पर ₹35,000 दंड
रामाशीष यादव, निवासी–अमरूपुर, भावरकोल: बिना पंजीकरण गाय का दूध बेचने पर ₹20,000 दंड
गोविन्द यादव व मालिक रामबचन यादव, निवासी–महुलिया, सैदपुर: अधोमानक खोया बेचने पर ₹40,000 दंड