जमानिया। उत्तर प्रदेश के कोटेदारों की तीन सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से अब तक कोई कार्रवाई न होने से नाराज कोटेदारों ने बुधवार को तहसील परिसर में बैठक की और आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 5 दिसंबर को सभी कोटेदार अपनी ई-पॉस मशीनें जिलापूर्ति कार्यालय में जमा करेंगे। आल इंडिया फेयर प्राइज शॉप डीलर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के तहसील अध्यक्ष राम अकबाल ने कहा कि पहले सौंपे गए मांग पत्र पर सरकार ने न तो विचार किया और न ही कोई ठोस निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि मजबूरी में कोटेदारों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
ब्लाक अध्यक्ष अकरम खां ने कहा कि प्रदेश सरकार कोटेदारों को मात्र 90 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन देती है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि संघ लगातार यह मांग कर रहा है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी कोटेदारों को 30,000 रुपये न्यूनतम आय गारंटी और 300 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि ई-पॉस मशीनें जमा होने के बाद खाद्यान्न वितरण पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। कोटेदार अब झूठे आश्वासनों से तंग आ चुके हैं और केवल ठोस निर्णय ही स्वीकार करेंगे। बैठक में जय गोविन्द, विजय नरायण, कृपा शंकर, विजय सिंह, अनिल कनौजिया, बबीता देवी, राम धीरज, नगेन्द्र यादव, राकेश, ओम प्रकाश, रामसहाय, अवधेश, वकील, पूनम देवी, हवलदार, मुसफिर सिंह सहित कई कोटेदार मौजूद रहे।