गाज़ीपुर| प्रमुख सचिव, श्रम, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी अविनाश कुमार के आदेश पर बाल श्रम चिह्नांकन अभियान के तहत आज नगर पालिका परिषद क्षेत्र गाज़ीपुर के पहाड़ ख़ाँ का पोखरा, महुआबाग और आमघाट में विशेष अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व सहायक श्रम आयुक्त, गाज़ीपुर द्वारा किया गया।
अभियान के दौरान पाँच प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिकों की मौजूदगी की जानकारी जुटाई गई। इसमें तीन प्रतिष्ठानों पर काम करते पाए गए 11 बाल/किशोर श्रमिकों के संबंध में कार्रवाई की गई तथा नियोजकों को सहायक श्रम आयुक्त द्वारा निरीक्षण टिप्पणी जारी कर दी गई। टीम के साथ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी व हमराही भी उपस्थित रहे। सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को सख्ती से चेतावनी दी गई है कि किसी भी परिस्थिति में बाल/किशोर श्रमिकों से कार्य न कराया जाए और बच्चों को अध्ययन हेतु स्कूल भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिक पाए गए हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि शादी–विवाह समारोह, पंडाल, लाइट–सज्जा, केटरिंग, डीजे, सर्विस स्टाफ और लान/मैरिज हॉल आदि में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी रूप में कार्य पर न लगाएँ और न ही किसी सेवा प्रदाता को बच्चों को नियोजित करने दें। यदि निरीक्षण के दौरान 18 वर्ष से कम आयु का बालक/किशोर कार्यरत पाया गया, तो बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध व विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 50 हज़ार रुपये तक जुर्माना, 2 वर्ष तक कारावास या दोनों का प्रावधान है। यह अपराध संज्ञेय की श्रेणी में आता है, जिसमें बिना जांच किए भी एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
अंत में, सहायक श्रम आयुक्त ने नागरिकों से आग्रह किया कि बाल श्रम उन्मूलन में प्रशासन का सहयोग करें। यदि कहीं भी बाल श्रम होता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाना, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, उप जिलाधिकारी या श्रम विभाग को दें। श्रम विभाग से दूरभाष: 0548–3560669 पर किसी भी कार्य दिवस में संपर्क किया जा सकता है।