गाजीपुर। जमानिया तहसील क्षेत्र के करजही गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। गांव के लोग गंदगी, दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों के खतरे के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी अभिलेखों में गांव में सफाई कर्मी की तैनाती दर्शाई जा रही है।
स्थिति यह है कि ग्राम पंचायत सचिवालय के आसपास भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियुक्त सफाई कर्मी रामचंद्र राम महीनों तक गांव में दिखाई नहीं देते। सफाई के नाम पर कभी-कभार किसी डोम को भेज दिया जाता है, जिससे केवल औपचारिकता पूरी होती है।
ग्रामीणों के अनुसार जब वे सफाई की मांग को लेकर ग्राम प्रधान से संपर्क करते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि सफाई कर्मी गांव में आता ही नहीं, ऐसे में वह स्वयं क्या कर सकते हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सफाई कार्य हो ही नहीं रहा है, तो सफाई कर्मी का वेतन किस आधार पर लिया जा रहा है। इस मामले में ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार ने स्वयं स्वीकार किया कि सफाई कर्मी नियमित रूप से गांव में उपस्थित नहीं रहता। वहीं इस संबंध में एडीओ पंचायत उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सफाई कर्मी को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं तथा ग्राम प्रधान से लिखित शिकायत प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि जब समस्या लंबे समय से अधिकारियों के संज्ञान में है और नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं, तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। करजही गांव के ग्रामीण आज भी जवाब के इंतजार में हैं और गंदगी का दंश झेलने को मजबूर हैं।