जमानिया (गाजीपुर)। प्रशासन द्वारा कुर्क कर पुलिस की निगरानी में रखी गई हजारों घनफीट अवैध सफेद बालू की चोरी कर उसे बेचने के मामले में खनन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच के बाद खनन निरीक्षक की तहरीर पर कोतवाली में आरोपी समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी व अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की शुरुआत तब हुई जब ताजपुर मांझा निवासी वीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि खिजिरपुर निवासी गणेश यादव ने प्रशासन द्वारा पहले से सीज की गई बालू को अवैध रूप से बेच दिया है।
उल्लेखनीय है कि जुलाई 2024 में तत्कालीन उपजिलाधिकारी और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर ग्राम ताजपुर मांझा से 20,827 घनफीट तथा ग्राम मथारा से 5,016 घनमीटर अवैध सफेद बालू बरामद की थी। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह बालू खनन विभाग को सुपुर्द कर स्थानीय पुलिस की निगरानी में रखी गई थी।जिलाधिकारी के आदेश पर 23 जनवरी 2026 को खनन निरीक्षक ईश्वर चंद्र ने लेखपाल तेजबहादुर के साथ मौके पर जांच की। निरीक्षण में पाया गया कि ताजपुर मांझा स्थित आराजी संख्या 783 में रखी लगभग 90 प्रतिशत बालू गायब थी, जबकि मथारा स्थित आराजी से भी करीब 20 प्रतिशत बालू का अवैध उठान हो चुका था।
जांच के दौरान जब आरोपी गणेश यादव की बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर छापा मारा गया तो वहां भी अवैध सफेद बालू बरामद हुई। जांच रिपोर्ट में उसकी गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए कहा गया है कि वह सरकारी कुर्क संपत्ति को खुर्द-बुर्द कर अपनी दुकान के माध्यम से ऊंचे दामों पर बेच रहा था। खनन निरीक्षक ईश्वर चंद्र की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी गणेश यादव तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रभारी निरीक्षक राम सजन नागर के अनुसार सरकारी सुपुर्दगी में रखी संपत्ति की चोरी और अवैध बिक्री गंभीर अपराध है। मामले की गहन जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।