गाजीपुर| तकनीकी शिक्षा एवं शोध संस्थान, पीजी कॉलेज गाजीपुर के सभागार में शनिवार को “बौद्धिक संपदा संरक्षण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह (इलाहाबाद उच्च न्यायालय), विशिष्ट अतिथि डॉ. जे.पी. सिंह (प्राचार्य, क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान), प्रो. अनिता कुमारी (प्राचार्य, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय) तथा संस्थान निदेशक डॉ. अजीत प्रताप सिंह ने बाबू राजेश्वर प्रसाद सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और सरस्वती पूजन के साथ किया। संस्थान के सचिव/प्रबंधक अजीत कुमार सिंह (अपर महाधिवक्ता, उत्तर प्रदेश) ने अतिथियों का स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सिंह ने अपने संबोधन में शिक्षा व अनुसंधान में बौद्धिक संपदा अधिकारों की भूमिका बताते हुए पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और भौगोलिक संकेतक जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी तथा भारत व वैश्विक स्तर पर लागू प्रमुख कानूनों और नियामक व्यवस्थाओं का उल्लेख किया। उन्होंने शिव वाटिका उद्यान में वृक्षारोपण भी किया।
कार्यशाला में प्रो. फते बहादुर सिंह (बीएचयू), प्रो. देवेंद्र सिंह (आईआईटी-बीएचयू), प्रो. सौरभ पाल (पूर्वांचल विश्वविद्यालय) और डॉ. मयंक प्रताप (बीएचयू) ने भी बौद्धिक संपदा संरक्षण विषय पर विचार साझा किए, जिन्हें प्रतिभागियों ने सराहा। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों से आए प्राध्यापक, शोधार्थी, कॉर्पोरेट प्रतिनिधि और छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। एनसीसी कैडेट्स ने डॉ. प्रशांत सिंह के नेतृत्व में मुख्य अतिथि को सलामी दी। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अमित प्रताप ने अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा संचालन भी किया। इस अवसर पर शिक्षाविदों व गणमान्य व्यक्तियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।