गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में पूर्व शोध प्रबंध प्रस्तुति संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में सेमिनार हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।संगोष्ठी में समाजशास्त्र विषय की शोधार्थिनी मंजू कुमारी ने अपने शोध प्रबंध शीर्षक “अनुसूचित जातियों में सामाजिक एवं राजनीतिक गतिशीलता के बदलते प्रतिमान : जौनपुर जनपद का समाज वैज्ञानिक अध्ययन” पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि अध्ययन में शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण, राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक चेतना एवं नेतृत्व विकास जैसे प्रमुख आयामों का गहन विश्लेषण किया गया है। निष्कर्षों के अनुसार पिछले कुछ दशकों में अनुसूचित जातियों की सामाजिक स्थिति में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। शोध के अनुसार— शिक्षा के प्रसार, शहरीकरण, सरकारी योजनाओं एवं आरक्षण नीति के प्रभाव से नई पीढ़ी में आत्मविश्वास एवं अधिकार बोध बढ़ा है। उच्च शिक्षा एवं सरकारी सेवाओं में बढ़ती भागीदारी से पारंपरिक पेशागत सीमाएँ टूटी हैं। पंचायत राज व्यवस्था के सशक्तिकरण एवं स्थानीय निकायों में आरक्षण से राजनीतिक सहभागिता में वृद्धि हुई है। जौनपुर जनपद में ग्राम पंचायत, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर प्रतिनिधित्व बढ़ने से नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ है।
हालांकि शोध में यह भी उल्लेख किया गया कि सामाजिक भेदभाव, आर्थिक असमानता तथा संसाधनों तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियाँ अभी भी विद्यमान हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत सोच एवं संरचनात्मक बाधाएँ सामाजिक गतिशीलता को आंशिक रूप से प्रभावित करती हैं। इसके बावजूद नई पीढ़ी में शिक्षा, रोजगार एवं राजनीतिक जागरूकता के माध्यम से परिवर्तन की स्पष्ट प्रवृत्ति दिखाई दे रही है। अध्ययन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, आर्थिक अवसरों के विस्तार एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने का सुझाव दिया गया, जिससे अनुसूचित जातियों की सामाजिक एवं राजनीतिक गतिशीलता को और गति मिल सके। प्रस्तुतीकरण के उपरांत विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों द्वारा विभिन्न प्रश्न पूछे गए, जिनका शोधार्थिनी ने संतोषजनक उत्तर दिया। तत्पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान की। संगोष्ठी में प्राचार्य प्रो० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो० (डॉ०) जी० सिंह, शोध निर्देशक डॉ० सुशील कुमार सिंह, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ० रुचिमूर्ति सिंह सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकगण एवं शोध छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में प्रो० (डॉ०) जी० सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।