गाजीपुर। प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकास भवन स्थित ऑडिटोरियम में चल रहे “नव निर्माण के नौ वर्ष” कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को द्वितीय दिवस पर किसान गोष्ठी एवं किसान मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मा. सदस्य विधान परिषद के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप पाठक द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने मेले व प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एवं लाभार्थी शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि गाजीपुर जनपद में कृषि की अपार संभावनाएं हैं और विशेष रूप से मिलेट्स (श्री अन्न) की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। मेले में कृषि एवं संबद्ध विभागों जैसे कृषि, मत्स्य, उद्यान, पशुपालन, फसल बीमा, यू.पी. नेडा, गन्ना विभाग, कृषक उत्पादक संगठन तथा बीज व उर्वरक से जुड़े निजी प्रतिष्ठानों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को योजनाओं और नई तकनीकों की जानकारी दी गई।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसानों के हित में लागू ऋण मोचन योजना सरकार की किसान-हितैषी सोच का प्रमुख उदाहरण है। वहीं उप कृषि निदेशक ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. दीपक प्रजापति एवं डॉ. शंशाक सिंह ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व से अवगत कराते हुए बायोपेस्टीसाइड के प्रयोग पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों रंगबहादुर सिंह, रूद्रप्रताप सिंह, सुनील सिंह कुशवाहा एवं श्रीमती अंजु चतुर्वेदी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनकर उपयोगी जानकारी प्राप्त की।