मतसा (गाजीपुर)। श्रीमद् भागवत कथा असत्य से सत्य व अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है इसलिए जहां कहीं भी कथा हो रही हो लोगों को पहुंचकर उसका श्रवण करना चाहिए। जमानिया विकासखंड के ताजपुर माझा गांव में आयोजित नव दिवसीय भागवत कथा के सातवें दिन कथावाचक आचार्य माधव शरण दास ने यह यह बातें कहीं तथा स्थल पर जुटे लोग जयकारा लगाते रहे उन्होंने कहा भगवान का भजन सभी को करना चाहिए।
आगे उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों का फल भुगतना ही पड़ता है जिस तरह भीष्म पितामह तक बाणों की शैया पर लेटे थे तो भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि अपने पुराने कर्मों को याद करो आज के युवा अपने दायित्व से भटक रहे हैं बुजुर्गों की सेवा एव उनकी प्रेरणा से सद मार्ग का रास्ता छोड़ रहे हैं जबकि जरूरत है कि उनके अनुभव से लाभ हासिल करें तथा सभी दुखों की औषधि है वह अमृत उपाध्याय ने कथा श्रवण कराते हुए कहा कि कंस ध्यान वध के समय कृष्ण की आयु बहुत कम थी किशोरावस्था में ही श्रीकृष्ण ने छावनी की रक्षा के लिए अपने मामा कंस का वध किया था कहते हैं कि भगवान धर्म की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं भगवान श्री कृष्ण ने धर्म की रक्षा के पहले दुष्ट दानवों का संहार किया फिर अर्जुन का सारथी बनकर कौरवों अधर्म के मार्ग पर चलने वालों का संहार करवाया।