गाजीपुर। बिरनो थाना क्षेत्र के बीरबलपुर ग्राम सभा के रहने वाले आदित्य सिंह पुत्र जय सिंह की हत्या उसके दोस्त ने पिता के साथ मिलकर पैसे के लेन देन को लेकर कर की।
जानकारी के अनुसार कुछ महीने पहले जब आदित्य सिंह का पता नहीं चला तो परिवार वालों ने उसके दोस्त रवि राय से पूछा तो उसने बताया की आदित्य कुछ काम से बाहर गया है कुछ दिनों में घर वापस आ जाएगा। तब घर वालों ने उसकी बातो पर विश्वास कर लिया और अपने बेटे की राह देखने लगे। लेकिन धीरे-धीरे 8 महीने बीतने के बाद भी आदित्य सिंह का कोई पता नहीं चला तभी एक दिन रवि राय के दोस्त कल्लू गुप्ता का आगमन हुआ और बाते खुली। आदित्य सिंह के घर जाकर उसने घर वालों को बताया कि आदित्य सिंह की हत्या कर दी गई है। तब घर वालों ने आनन-फानन में इस मामले की जानकारी सदर कोतवाली गाजीपुर को रवि राय व उसके पिता रामनरेश राय के खिलाफ नामजद तहरीर देकर एफ आई आर दर्ज कराई। वही तत्काल प्रभाव से पुलिस प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए दोनों लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की और अपराधियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्यारोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लाश को बरामद कर लिया, साथ ही पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हत्या से जुड़े अन्य अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डालने का निर्देश दिया। वही परिवार को गुमराह करने के लिए व्हाट्सएप मैसेज का सहारा लेकर परिवार वालों को गुमराह करने वाले और हत्यारोपी से मारने का कारण पूछा तो उसने बताया की प्रॉपर्टी डीलिंग के दौरान पार्टनरशिप में पैसे के लेन देने के कारण धनजी की हत्या रवि राय सहित रामनरेश राय ने मिलकर की हैं। हत्यारे रवि राय ने 8 माह पूर्व हत्या करने के बाद आदित्य सिंह की मोबाइल का लोकेशन कभी नेपाल के बॉर्डर पर तो कभी लखनऊ व अन्य जगहों पर दिखाने का प्रयास किया। हत्या करने के बाद रवि राय ने मामले को छुपाने के लिए लगातार कोशिस की और आदित्य सिंह के भाई बादल सिंह के व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज कर गुमराह करता रहा। रवि राय ने परिजनों को दिग्भ्रमित करने के लिए आदित्य सिंह की मां से यह कह कर भ्रमित करता रहा कि आदित्य कहीं काम से गया है।