जमानियां (गाजीपुर)। स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.अखिलेश कुमार शर्मा ‘शास्त्री’ की अध्यक्षता में राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका: चुनौतियां और समाधान विषयक गोष्ठी व सह-सम्मान समारोह का आयोजन सोमवार को संगोष्ठी कक्ष में महाविद्यालय के इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ.संजय कुमार सिंह के संयोजकत्त्व में संपन्न हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के तैल चित्र पर पुष्प गुच्छ अर्पण कर प्राचार्य ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ.राहुल सिंह को स्मृति चिन्ह तथा अंगवस्त्रम् तथा पूर्व प्राचार्य प्रो.शरद कुमार श्रीवास्तव ने महामंत्री डॉ.शैलेन्द्र कुमार सिंह को अंगवस्त्रम् प्रदान कर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात् प्रो.विमला देवी ने अध्यक्ष एवं महामंत्री को अपनी ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही महाविद्यालय इकाई के सर्वसम्मति से मनोनीत अध्यक्ष प्रो.अरुण कुमार, महामंत्री डॉ. लालचंद पाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष बिपिन कुमार, संयुक्त मंत्री डॉ.उर्वशी दत्ता, कोषाध्यक्ष डॉ.मदन गोपाल सिन्हा, मीडिया प्रभारी अभिषेक तिवारी को स्मृति चिन्ह अंगवस्त्रम् प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वागत भाषण डॉ संजय कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डॉ.राहुल सिंह कहा कि आज कल केवल समस्याओं पर बात बातचीत हो रही है।समस्या कहां से उत्पन्न की जा रही है उस पर ध्यान आकर्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि शिक्षा विभाग में समस्या तीन रूपों मे व्याप्त है।विश्वविद्यालय एवं कालेज के अन्य विभागों में पृथकता एवं सरकारी विभागों की उदासीनता ही हम शिक्षकों के लिए भारी पड़ रही है। आज के समय में हम सभी को एकजुट होकर इन सभी समस्याओं से मुक्ति हेतु हुंकार भरने की है। नवनिर्वाचित महामंत्री डॉ.शैलेन्द्र कुमार सिंह तथा अन्य प्राध्यापकों ने भी अपने विचार रखें।प्राचार्य प्रो.शास्त्री ने कहा कि आज के युग में लोग संगठन के साथ चलने को तैयार नहीं है।समय की मांग है हम सबको साथ साथ चलने की तथा अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यबोध को आगे रखने की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, वह सभ्य और विकसित राष्ट्र का निर्माण करने की शक्ति रखता है। शिक्षक की भूमिका सदैव सूत्रधार के रूप में होती है और शिक्षक की भूमिका शिक्षार्थियों को प्रेरित करने,प्रोत्साहित करने और शिक्षित करने के लिए है।हम सबको जातिगत बंधनों,धार्मिक भेदभाव, ऊंच नीच गरीब अमीरी की खाई को पाटना होगा।उन्होंने साहित्य एवं संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में वेदों से आधुनिक साहित्य तक में सर्वत्र मानवीय मूल्यों की स्थापना की बात कही गई है।यदि समाज का प्रत्येक मनुष्य आत्म कल्याण व परोपकार की भावना से अधिकार और कर्तव्य बोध के साथ प्रत्येक कार्य को संपादित करने लिए प्रतिबद्ध एवं दृढ़संकल्पित होगा तभी शिक्षक मजबूत होगा एवं समाज में स्थापित हो पायेगा।
प्राचार्य ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ राहुल सिंह तथा महामंत्री डॉ शैलेन्द्र कुमार सिंह को बधाई देते हुए महाविद्यालय ईकाई के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारीगण मौजूद रहे। इस आशय की जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी सहायक आचार्य हिंदी अभिषेक तिवारी ने विज्ञप्ति जारी कर दी।