गाज़ीपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट कराया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासंघ के पूर्व संयुक्त महामंत्री डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित, प्रदेश संयोजक प्रोफेसर राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय और विश्वविद्यालय प्रभारी प्रोफेसर नलिन कुमार मिश्र ने किया। महासंघ की विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय और महामंत्री जगत नारायण सिंह ने ज्ञापन में कहा कि विश्वविद्यालय की चयन समिति और निरीक्षण मंडल जैसी महत्वपूर्ण समितियों में महाविद्यालयों के शिक्षकों को समान अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में इन समितियों में प्रतिनिधित्व असमान है, जिससे निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती है। महासंघ ने यह भी मांग की कि पीएचडी शोधार्थियों के शोध प्रारूप (सिनॉप्सिस) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को कोर्स वर्क पूरा होने के बाद ही लागू किया जाए। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान में इस प्रक्रिया में मनमानी की जा रही है, जो शोध की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। उन्होंने कुलपति से इस संबंध में कठोर दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
ज्ञापन में विश्वविद्यालय के क्रीड़ा परिषद में लंबे समय से सचिव की नियुक्ति न होने पर भी चिंता जताई गई। महासंघ ने कहा कि इस वजह से खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और प्रतिभाशाली छात्र मंच से वंचित रह जा रहे हैं। उन्होंने सचिव पद पर त्वरित नियुक्ति की मांग की। इसके अलावा महासंघ ने विश्वविद्यालय की परिनियमावली में उल्लिखित योजना बोर्ड और कॉन्फ्रेंस समिति के गठन पर भी जोर दिया। पदाधिकारियों का कहना था कि वर्षों से टालमटोल के चलते विकास योजनाएं और शैक्षणिक आयोजन बाधित हो रहे हैं।
ज्ञापन में विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न विषयों के आचार्य, सह-आचार्य और सहायक आचार्य के रिक्त पदों को शीघ्र भरने, महाविद्यालयों के शिक्षकों की वरिष्ठता एवं श्रेणी निर्धारण करने, कर्मचारियों की कमी पूरी करने तथा शोध में अंतरविषयक मान्यता प्रदान करने की मांग भी उठाई गई। इस अवसर पर कुल सचिव श्री केशलाल, उपकुलसचिव अजीत कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में महासंघ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कुलपति, कुलसचिव और उपकुलसचिव का सम्मान किया। बैठक में प्रोफेसर संजय चतुर्वेदी, डॉ. श्रवण कुमार शुक्ला, डॉ. माया सिंह, डॉ. अलकेश्वरी सिंह, डॉ. पुष्पा सिंह, डॉ. प्रतिभा सिंह, प्रोफेसर हिमांशु सिंह, प्रोफेसर एस.के. पाठक, प्रोफेसर सुनील प्रताप सिंह, डॉ. राजेंद्र सिंह, प्रोफेसर अशोक सिंह (मिर्जापुर), डॉ. योगेश चंद्र शर्मा, डॉ. रविकांत सिंह सहित दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
