जमानिया कोतवाली क्षेत्र के लमुई गांव की रहने वाली सरस्वती देवी ने अपने पति पर बिना बताए दूसरी शादी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने कोतवाली में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता सरस्वती देवी के मुताबिक, उसकी शादी प्रभात यादव से 7 मई 2014 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। विवाह के बाद दंपती के पाँच बच्चे हुए, जिनमें से दो की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। सरस्वती देवी का आरोप है कि ससुराल पक्ष की सास सोनबरसा देवी, ननदें आरती देवी और रेनू देवी उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देती रहीं। बच्चों की बीमारी और मृत्यु के लिए भी उसे ही जिम्मेदार ठहराया जाता था और कई बार पिटाई की गई। सरस्वती देवी ने तहरीर में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 23 नवंबर 2025 को उसके पति प्रभात यादव ने परिवार के अन्य सदस्यों—सोनबरसा देवी, आरती देवी, रेनू देवी, अनिल यादव और सुनील यादव—के साथ कामाख्या धाम जाकर किसी अन्य महिला से दूसरी शादी कर ली। इस घटना की जानकारी उसे देर रात तब मिली जब वह अपने मायके मदनपुर उर्फ प्रतापपुर, करंडा में थी। पीड़िता ने बताया कि पति का यह कदम न केवल उसके वैवाहिक अधिकारों का हनन है, बल्कि कानून का स्पष्ट उल्लंघन भी है। उसने अपने और अपने बच्चों की सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की अपील की है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि विवाहिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।