गाजीपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के अंतर्गत जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने रविवार को विधानसभा क्षेत्र 375-सदर के विभिन्न मतदान स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इंग्लिश मीडियम कम्पोजिट विद्यालय मैनपुर में भाग संख्या 350 से 355 तथा राजकीय सिटी इंटर कॉलेज, गाजीपुर में भाग संख्या 254 से 259 तक के बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची को आम जनमानस के समक्ष पढ़कर सुनाया जाए, ताकि मतदाता अपने नाम की सही स्थिति से अवगत हो सकें।
जिलाधिकारी ने बूथों पर उपस्थित बीएलओ से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली तथा मौके पर मौजूद नागरिकों से संवाद कर निर्वाचक नामावली से संबंधित फीडबैक प्राप्त किया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन 06 जनवरी 2026 को किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 18, 24, 31 जनवरी 2026 एवं 01 फरवरी 2026 को जनपद के समस्त बूथों पर बीएलओ ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ उपस्थित रहेंगे, जहां आम नागरिक अपने नाम की जांच कर सकते हैं। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है। फॉर्म-6 ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भरा जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर डॉट ईसीआई डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल अथवा वोटर हेल्पलाइन ऐप का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन के उपरांत बीएलओ द्वारा नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा। नाम अपमार्जन के लिए फॉर्म-7 तथा नाम में संशोधन अथवा मतदान स्थल परिवर्तन के लिए फॉर्म-8 भरने की व्यवस्था है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिन नागरिकों का मोबाइल नंबर पहले से मतदाता सूची से लिंक है, वे वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से परिवार के सभी सदस्यों के नाम एक साथ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में देख सकते हैं। जिनका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वे पोर्टल के माध्यम से अपना नाम खोज सकते हैं। यदि सत्यापन के बाद भी नाम सूची में नहीं मिलता है, तो फॉर्म-6 भरना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिन मतदाताओं की फोटो खराब है या जो “नो मैपिंग” श्रेणी में आते हैं, वे अपने संबंधित बूथ पर उपस्थित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक सुधार करा सकते हैं| जिलाधिकारी ने कहा कि सभी बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, एसडीएम स्तर के अधिकारी भी तैनात हैं और पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। नागरिक किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वोटर हेल्पलाइन ऐप या निर्वाचन आयोग के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। नई सुविधा के अंतर्गत नागरिक बीएलओ को कॉल रिक्वेस्ट भी भेज सकते हैं, जिस पर संबंधित बीएलओ स्वयं संपर्क करेंगे। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर रवीश गुप्ता, खंड विकास अधिकारी करंडा, नायब तहसीलदार विजयकांत पांडेय सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।