गाजीपुर। अवैध रूप से मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोपों को लेकर मंगलवार को समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को निर्वाचन आयोग की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराते हुए स्थिति स्पष्ट की। जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 6 फरवरी 2026 तक दावे एवं आपत्तियों की तिथि निर्धारित की गई है। किसी भी विधानसभा क्षेत्र में रहने वाला व्यक्ति फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज करा सकता है। हालांकि, यदि फॉर्म-7 में नाम, एपिक नंबर त्रुटिपूर्ण हो या आपत्ति करने वाला उस विधानसभा का निवासी न हो, तो ऐसी आपत्ति पर संज्ञान नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आपत्ति त्रुटिरहित पाई जाती है, तो उसे दर्ज कर बीएलओ को जांच हेतु भेजा जाएगा। जांच में आपत्ति सही पाए जाने पर भी सीधे नाम नहीं काटा जाएगा, बल्कि संबंधित मतदाता को ईआरओ द्वारा नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना सुनवाई के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा। साथ ही यह भी बताया गया कि तिथि व विधानसभा-वार प्राप्त फॉर्म-7 की जानकारी गाजीपुर एनआईसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। पूरी प्रक्रिया से प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराते हुए आरोपों का खंडन किया गया और आश्वस्त किया गया कि सभी कार्यवाहियां आयोग के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी ढंग से की जा रही हैं।