गाजीपुर। थाना मुहम्मदाबाद व स्वाट की संयुक्त टीम ने 14/11/2022 को पंजीकृत मु0अ0सं0- 262/2022 धारा 302/201 भादवि, की डबल मर्डर मिस्ट्री की घटना का 24 घण्टे के अन्दर सफल अनावरण कर आलाकतल के साथ अभियुक्त को गिरफ्तारी किया।
उक्त अभियोग की एसपी ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद के कुशल निर्देशन में चल रही जांच/विवेचना से यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त अभियोग के वादी गौरीशंकर पुत्र स्व0 केदार निवासी ग्राम कठउत थाना मु०बाद 09.11.2020 को अपने पड़ोस के मोहन राजभर की (साढ़े सात) मण्डा (15 विस्वा) जमीन उसके परिवार के रजामंदी के बिना बहला फुसलाकर गांव के ही मुसाफिर राम को 23 लाख में तय कर संजय राय वर्तमान ग्राम प्रधान के माध्यम से रजिस्ट्री करा दिया और 10 लाख रुपया संजय राय के खाते में तथा 10 लाख रुपया अपने पिता के खाते में डलवा दिया। रजिस्ट्री के बाद संजय राय द्वारा 3-3 लाख का दो चेक मोहन के नाम व 4 लाख का चेक गौरीशंकर के नाम काट कर दिया गया। मोहन व गौरीशंकर यूनियन बैंक आफ इण्डिया शाहबाज कुली में जाकर पैसा निकालकर गांव में आये और गौरी ने कहा कि पैसा मैं रखा हूँ बाद में दे दूंगा तो तुम्हारे घर वाले जान जाएंगे। इसके बाद गौरी अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर अपने ससुराल चला गया तब से उसकी पत्नी व बच्चे ससुराल में ही रह रहे है। माँ की तबीयत खराब होने पर उसकी बहन मालती करीब एक वर्ष से यही रह रही है। रजिस्ट्री की बात मोहन के लड़के को जानकारी हुई तो गांव वालो की पंचायत हुई और तय हुआ कि 11 लाख 50 हजार गौरी पर है, 11 लाख 50 हजार संजय राय पर संजय राय अपने हिस्से का पैसा देने को तैयार थे। मुसाफिर राम मुकदमे में बयान देकर जमीन वापस कर देने की बात तय हुई थी परन्तु गौरी हीला हवाली करता चला आ रहा था। दि0 24.01.2020 को पुनः पंचायत हुई तो गौरी ने कहा कि मैं अपना घर बेच कर दिनांक 26.10.2022 को पैसा दे दूंगा। तब से अब तक एक दिन दो दिन का समय लेता रहा। उसकी माँ घर बेचने को तैयार नही थी, पर दबाव डाल रहा था। विवेचना के क्रम में गवाहो के बयान अभिलेखीय साक्ष्य के पुख्ता सबूत पाये जाने पर गौरीशंकर को 15.11.2022 समय 3.55 बजे गौसपुर मुख्य सड़क पर गिरफ्तार कर पूछताछ किया गया तो अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि दिनांक 13/11/2022 को समय करीब 20.15 बजे के लगभग अपनी माँ को अपने कमरे में बुलाकर मनाने का प्रयास किया तैयार न होने पर रस्सी से गला दबा कर माँ की हत्या कर दी और शव को घसीट कर दूसरे कमरे में कर रहा था कि मेरी बहन भी आ गयी और विरोध किया व चिल्लाने लगी तो उसी रस्सी से उसका गला दबा कर उसकी भी हत्या कर दिया और उसी समय मेरी बहन का नाती आ गया रोने पर उसका गला दबाया बेहोश हो जाने पर वही छोड़कर रस्सी अपने तखत के नीचे छुपाकर भाग कर राजू कुशवाहा के घर चल गया। जहां पर पूर्व नियोजित दावत थी जिसका खर्च मैने स्वयं दिया था। भोजन के बाद राजू के साथ साथ ट्रैक्टर जिसे राजू चला कर खेत जोत रहा था मै ट्रैक्टर पर बैठा रहा जुताई के बाद उसी के घर पर आकर सो गया सुबह दोनो करीब 5 बजे उठकर मेन रोड पर गये, और सुभाष राजभर को फोन कर चाय की दुकान पर बुलाया आने के पूर्व हम दोनो पूर्व ग्राम प्रधान गौसपुर झन्ने के घर पर गये और घटना की जानकारी दी और पुनः चाय की दुकान पर आकर घटना के बारे में बताया और 112 पर मै सुभाष राजभर के फोन से दो औरते व एक बच्चे की हत्या की सूचना दिया था। गौरीशंकर की निशान देही पर उसके तख्त की नीचे सिरहाने से आलाकत्ल रस्सी बरामद हुई तथा उसके हस्तलेख का एक पत्र तकिया के नीचे से बरामद हुआ जो घटना के पूर्व के लिखने व घटना में पुष्टी करता है। गौरीशंकर एक शातिर किस्म का अपराधी प्रवृति का व्यक्ति है इसका आपराधिक इतिहास भी है तथा मा० न्यायालय से 7 वर्ष की सजा हुई है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी स्वाट टीम उ0 नि0 रामाश्रय राय व उ0 नि0 सुनील तिवारी मय स्वाट टीम, प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार मिश्र, उ0नि0 राजीव कुमार त्रिपाठी मौजूद रहे।