गाजीपुर। जिलाधिकारी एवं जिला उप संचालक चकबन्दी अविनाश कुमार ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में चकबन्दी कार्यों की गहन समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, बन्दोबस्त अधिकारी रमजान यख्श, चकबन्दी अधिकारी शिवनाथ पाण्डेय सहित समस्त सहायक चकबन्दी अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद गाजीपुर के विभिन्न चकबन्दी न्यायालयों में कुल 6184 वाद विचाराधीन हैं, जिनमें 05 वर्ष से अधिक पुराने वादों की संख्या 2169 है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन वादों का त्वरित एवं गुणवत्तापरक निस्तारण विशेष अभियान चलाकर आगामी दो माह में किया जाए।
समीक्षा के दौरान जनपद के 22 प्रक्रियाधीन ग्रामों की ग्रामवार स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें से ताजपुर मांझा (प्रथम चक्र), पहाड़पुर खुर्द व रूहीपुर धारा-7, गोपीनाथपुर, जगदीशपुर व गन्नापुर धारा-8, मुडियार, शेरपुर डोटारी व मखदूमपुर धारा-10, वेमुआं, भैरोपुर व बघांव धारा-20, तरांव (खानपुर) धारा-23, हटवार मुरार सिंह, दशवन्तपुर, बद्धोपुर व तरांव (सैदपुर) धारा-24 तथा तिलसड़ा, मौधिया, दरवेपुर, सकरा व बबुरा धारा-27 के अंतर्गत कार्यरत हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इन सभी ग्रामों में चकबन्दी कार्यवाही पारदर्शी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक ढंग से पूरी की जाए। इसके साथ ही उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश से प्रभावित ग्राम तिलसड़ा, दरवेपुर व तरांव (खानपुर) में स्थगन समाप्त कराने हेतु प्रभावी पैरवी के निर्देश भी दिए गए। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए, धारा-7, 8, 9, 10, 20, 23, 24, 27 एवं 52 के लक्षित ग्रामों में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप चकबन्दी कार्य को निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से संपादित करें।