गाजीपुर। वर्षों से जानलेवा साबित हो रही जंगीपुर-शुभखारपुर मार्ग, जिसे स्थानीय लोग “खूनी सड़क” के नाम से जानते हैं, एक बार फिर सुर्खियों में है। शुक्रवार को छात्रनेता विवेकानंद पाण्डेय के नेतृत्व में क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार से मुलाकात कर सड़क निर्माण में हो रही घोर लापरवाही, मानक की अनदेखी तथा कार्य में अनिश्चित देरी को लेकर कड़ा विरोध जताया और लिखित ज्ञापन सौंपा। छात्रनेता विवेकानंद पाण्डेय ने बताया कि शासन द्वारा इस सड़क के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए 22 करोड़ 2 लाख 7 हजार रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। लेकिन संबंधित विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत व उदासीनता के कारण एक सप्ताह काम करने के बाद दो महीने से सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। खुले गड्ढों के कारण रोजाना हादसे हो रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
डीएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग से तत्काल बातचीत कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। वहीं, विवेकानंद पाण्डेय ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्रीय जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर भी आरोप लगाया कि यह साजिश है ताकि सड़क कार्य में बाधा डालकर भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता को नुकसान पहुँचाया जा सके, जिसे वे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने देंगे।विवेकानंद पाण्डेय ने बताया कि वे जल्द ही लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव से भी शिकायत करेंगे। विधायक विरेंद्र यादव की भूमिका पर निशाना साधते हुए पाण्डेय ने कहा, “जनप्रतिनिधि सिर्फ़ नारियल फोड़कर फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं, जनता की समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं। दो महीने से सड़क निर्माण बंद है, लेकिन उन्हें यह समस्या नजर नहीं आ रही।”
ज्ञात हो कि इस सड़क को लेकर वर्ष 2015 में भी छात्रनेता विवेकानंद पाण्डेय के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसमें सपा सरकार के आदेश पर बेरहम लाठीचार्ज, 69 नामजद मुकदमे और 900 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर जेल भेजने जैसे मामले सामने आए थे। बाद में पाण्डेय पर गुंडा एक्ट लगाकर जिला बदर भी किया गया था।इस दौरान रामअवध राम, छोटेलाल यादव, राहुल दूबे, मनोज कुशवाहा, राजेन्द्र टंडन, अतुल पाण्डेय, रुद्रामणि त्रिपाठी, शिव यादव, सुबाष यादव सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।