गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों तथा 50 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों—आवास विकास परिषद, निर्माण खंड वाराणसी प्रथम, सीएंडडीएस, जल निगम जौनपुर, यूपी जल निगम (शहरी/ग्रामीण) गाजीपुर, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सिंचाई निर्माण खंड वाराणसी, सीएलडीएफ, यूपी सिडको, यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लि. वाराणसी, यूपी राजकीय निर्माण निगम लि. (आज़मगढ़ व वाराणसी इकाइयाँ), पैकफेड, देवकली पंप कैनाल, लद्यु डाल नहर खंड गाजीपुर एवं सोन यांत्रिक खंड सहित अन्य कार्यदायी संस्थाओं के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य मानक और गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएँ। उन्होंने अधूरे कार्यों की जानकारी लेकर धनाभाव के कारण रुके प्रोजेक्ट्स के लिए संबंधित विभागों को पत्राचार करने के निर्देश दिए।उन्होंने चेतावनी दी कि जिन कार्यदायी संस्थाओं को धनावंटन हो चुका है, वहाँ कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। साथ ही, निर्धारित समय में कार्य पूर्ण न होने पर ठेकेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील पाण्डेय, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, अर्थ एवं संख्याधिकारी चन्द्र शेखर प्रसाद सहित सभी संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।