Skip to content
City Super Fast News

City Super Fast News

Your Voice…

Primary Menu

मुख्य अभियंता नलकूप पहुँचे अदसड़ गॉव

संवाददाता 26-09-2020

हमारे पोस्ट को करें:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Tumblr (Opens in new window) Tumblr
  • Share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

कंदवा(चन्दौली)। टेल के किसानों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए चारी व अदसड़ गांव में 80 करोड रुपए की लागत से बन रहे न्यू चारी व न्यू अदसड़ लिफ्ट कैनाल के आठवीं बार परीक्षण में फेल होने के बाद शनिवार की अपराह्न करीब ढाई बजे मुख्य अभियंता नलकूप वाराणसी महेश कुमार पांडेय ने न्यू अदसड़ लिफ्ट कैनाल का कंदवा में पानी गिरने के लिए बने छलके व कंदवा ककरैत माइनर का निरीक्षण किया। कहा कि अगर पाइप लाइन सफल नहीं होती है तो कंदवा ककरैत माइनर का चौड़ीकरण कराकर टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा।

न्यू चारी व न्यू अदसड़ लिफ्ट कैनाल के लगातार आठ बार टेस्टिंग में फेल होने पर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के लिए शासन को पत्र लिखा है और स्थानीय स्तर पर जांच कमेटी बनाने के साथ ही आईआईटी बीएचयू से जांच की सिफारिश की है।उसी के मद्देनजर मुख्य अभियंता नलकूप वाराणसी महेश कुमार पांडेय सपा के राष्ट्रीय सचिव पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के साथ कन्दवा स्थित न्यू अदसड़ लिफ्ट कैनाल के टेल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। इस दौरान अधिशासी अभियंता लघु डाल राजेन्द्र कुमार, रामजन्म यादव, रिंकज सिंह, सोनू सिंह, सूर्यपाल सिंह, सुनील यादव, भोला यादव, गुड्डू, सत्यपाल,मंटू आदि लोग मौजूद रहे।

कंदवा(चन्दौली)। न्यू चारी व न्यू अदसड़ लिफ्ट कैनाल का निर्माण कार्य 2015 में शुरु हुआ था और मार्च 2018 तक कार्ययोजना को पूर्ण किया जाना था। लेकिन धीमी गति से चल रहे कार्य की वजह से पहला परीक्षण 2 जुलाई 2019 को हुआ जो असफल रहा और पाइप लाइन जगह जगह फट गई। पुन: मरम्मत कर आठ बार अलग अलग समयों पर हुए परीक्षण में भी यह पंप कैनाल सफल नहीं हो सके। चारी लिफ्ट कैनाल का तो आधी दूरी पर परसिया गांव के समीप जेवरियाबाद रामपुर नहर में पानी गिराकर भी परीक्षण किया गया लेकिन वह भी सफल नहीं हो पाया। बता दें कि अगर लिफ्ट कैनाल सफल हुए होते तो करीब 5 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती। लेकिन लिफ्ट कैनाल का पाइप लाइन बार फटने के चलते किसानों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

संबंधित समाचार

Post navigation

Previous: जिला उद्योग बन्धु एवं स्वरोजगार बन्धु की बैठक 29 को
Next: किसानों का नौवें दिन धरना हुआ समाप्त

हो सकता है आप चूक गए हों

CSF-Logo-500x280

व्यापारी संवाद कार्यक्रम में जीएसटी के नए प्रावधानों और समस्याओं पर हुई चर्चा

ब्यूरो 23-07-2026
CSF-Logo-500x280

निपुण भारत मिशन की सफलता के लिए नैतिक शिक्षा, स्मार्ट क्लास और नियमित मूल्यांकन पर जोर

ब्यूरो 23-07-2026
15c39da7-634b-4f39-8fd1-53045a42107c

125 स्कूलों के बीच एस.एस. देव पब्लिक स्कूल ने जीता रजत पदक

ब्यूरो 23-07-2026
26ad5e22-d7d6-4b79-a629-325b3cfe8430

दीक्षोत्सव से पूर्व हिंदू पीजी कॉलेज में पुस्तक समीक्षा प्रतियोगिता सम्पन्न

ब्यूरो 22-07-2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.