गाजीपुर। निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से गुरुवार को जलसा गार्डन, वबेड़ी में समग्र शिक्षा के तत्वावधान में निपुण संकल्प कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यशाला में गाजीपुर और बलिया जनपद के शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं शिक्षकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं जनपद की प्रगति की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विद्यार्थियों के अधिगम स्तर के आकलन के लिए प्रत्येक माह पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण मासिक परीक्षण आयोजित करने पर बल दिया, ताकि बच्चों की कमजोरियों की पहचान कर समयबद्ध सुधार किया जा सके। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों, शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण विकसित करने की आवश्यकता भी बताई। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तक ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास का प्रभावी उपयोग करते हुए डिजिटल माध्यमों, टीएलएम तथा ऑडियो-वीडियो सामग्री के जरिए शिक्षण को अधिक रोचक एवं उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत क्षमता एवं रुचि के अनुरूप विशेष मार्गदर्शन देने पर भी जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्राप्त करने के लिए सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों से समन्वय और पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन दुर्गेश सिंह ने किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी अभिषेक कुमार, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सर्वजीत यादव, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अनुपम गुप्ता सहित गाजीपुर एवं बलिया के समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, एआरपी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।