जमानियां। नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में शुक्रवार कि देर शाम प्रसव कराने आयी महिला का नवजात प्रसव के दौरान मृत पैदा होने से परिजनों ने बवाल किया और स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनात एएनएम सहित अन्य लोगों पर धन उगाही का आरोप लगाया। वही शनिवार कि सुबह तक महिला के परिजन परेशान रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को करीब 8 महिलाओं का प्रसव किया गया। दाउदपुर गांव के रहने वाले सोनू कुमार शाम करीब 8 बजे अपनी पत्नी का प्रसव कराने के लिए 102 एम्बुलेस से नगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आशा के साथ पहुंची। जहां स्वास्थ्य कर्मीयों ने उसे भर्ती कर लिया। महिला कि हालत ठिक नहीं थी। पति सोनू का आरोप है कि उसकी पत्नी का इलाज करने के लिए स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी द्वारा 2 हजार रूपये मांगा गया। मेरे द्वारा पैसा देने कि बात भी स्वीकार की गयी कि जच्चा बच्चा यदि ठिक रहते है तो उनके द्वारा पैसा दिया जाएगा। लेकिन स्वास्थ्य कर्मीयों ने इंजेक्शन नहीं लगाया। देर से इंजेक्शन लगाने के कारण मेरे नवजात बच्चे कि मृत्यु हुई है। उनका कहना है कि दोषी स्वास्थ्य कर्मीयों पर कार्रवाई की जाए। वही आशा आभा का कहना है कि स्वास्थ्य केन्द्र पर धन उगाही का खेल चल रहा है। शुरूआत एम्बुलेश वाले से होता है जो एक मरीज को लाने व ले जाने के लिए 100 से 500 रूपये लेते है। जिसके बाद स्वास्थ्य केन्द्र में दवा आदि लगाने में धन उगाही की जाती है। जिससे कई बार प्रसव कराने आयी महिलाओं के जान पर बन आती है। शुक्रवार कि शाम करीब 8 बजे महिला को दर्द होने पर एम्बुलेंस से पीएसची जमानियां में भर्ती कराया गया लेकिन धन उगाही के चक्कर मे देर से इलाज शुरू किया गया। जिसका नतीजा रहा कि महिला का स्वस्थ्य नवजात मृत पैदा हुआ। उनका आरोप है कि डिलेवरी के दौरान नवजात को पुश करते समय नवजात कि मृत्यु हुई है। जबकि एएनएम सीमा यादव का कहना है कि किसी प्रकार का पैसा नही मांगा गया है। आशा द्वारा महिला को रेफर करने कि बात की जा रही थी। रेफर न करने कि वजह से वह अनरगल बात बना रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉ रूद्रकांत सिंह का कहना है कि महिला के परिजनों के मौखिक शिकायत प्राप्त हुई है जिसके आधार पर समिति गठित कर जांच करायी जाएगी और आरोप सही पाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध उच्चाधिकारियों को लिखित रिर्पोट प्रेषित किया जाएगा।