गाजीपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ. नीरज कुमारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 127 गर्भवती महिलाओं का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, आवश्यक प्रयोगशाला जांच तथा गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों के सेवन, प्रसव पूर्व आवश्यक सावधानियों तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की 9 तारीख को आयोजित किया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक माह 1, 16 और 24 तारीख को अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष पीएमएसएमए क्लीनिक संचालित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व (ANC) सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं एवं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy) की समय रहते पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित करना है, जिससे प्रसव के दौरान होने वाले जोखिम कम हों और मां एवं शिशु दोनों का जीवन सुरक्षित रह सके।
बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान कम से कम एक बार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिवस पर अपनी जांच अवश्य करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिए तीन अतिरिक्त एएनसी (ANC) जांच का भी प्रावधान है, जिससे उनकी नियमित निगरानी एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर निःशुल्क जांच एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठाएं, ताकि सुरक्षित मातृत्व एवं स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को साकार किया जा सके। अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग काउंसलर नीरा राय तथा स्टाफ नर्स किरण लाल एवं डेजी द्वारा की गई। साथ ही महिलाओं के नियमित फॉलोअप की व्यवस्था प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उपकेंद्रों) पर एमएचसीपी स्टाफ नर्स, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ), एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से निरंतर सुनिश्चित की जा रही है।