Skip to content
City Super Fast News

City Super Fast News

Your Voice…

Primary Menu

महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा,संरक्षण व हिंसा पर रोकथाम का कार्य करेंगे ‘शक्ति चैम्पियंस’

ब्यूरो 26-11-2020

हमारे पोस्ट को करें:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Tumblr (Opens in new window) Tumblr
  • Share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

गाजीपुर। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाये जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत समुदाय में इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने वालों को शुक्रवार (27 नवम्बर) को ‘शक्ति चैम्पियंस’ का दर्जा दिया जाएगा । वह महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण व हिंसा पर रोकथाम के लिए महिला कल्याण विभाग का सहयोग करेंगे और महिलाओं व बच्चों को अधिकारों के प्रति पूरी तरह से जागरूक बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभायेंगे । ऐसे लोगों का चिन्हांकन इस माह के शुरू से ही किया जा रहा था, शुक्रवार को उन्हें पहचान पत्र/बैच और विधिवत कार्य वितरण किया जाएगा।

निदेशक महिला कल्याण व मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी मनोज कुमार राय का कहना है कि कोई भी महिला, पुरुष, बालक, बालिका या थर्ड जेंडर जो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में जागरूक करने का बेहतर कार्य कर रहे हैं, उन्हें शक्ति चैम्पियंस का दायित्व निभाने को आगे लाया जा रहा है । इनका चयन ग्राम, ब्लाक व जिला स्तर पर किया जाएगा । इनका काम होगा ग्राम या वार्ड में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों, कानूनों और मुद्दों पर जागरूकता पैदा करना। 1090 वुमन पावर लाइन, 1098 चाइल्ड लाइन, 108 एम्बुलेंस सेवा, 102 स्वास्थ्य सेवा, 112 इंटीग्रेडेड हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करना होगा । शक्ति चैम्पियंस पुलिस और अधिकारियों को स्थानीय ऐसे स्थलों की जानकारी भी मुहैया कराएंगे, जो महिलाओं और बच्चों के लिए जोखिम भरे हो सकते हैं, जैसे – विद्यालय के पास शराब की दुकान का होना, विद्यालय के समय आस-पास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होना और विद्यालय में चहारदीवारी, शौचालय व भेदभाव रहित वातावरण का न होना आदि । इसके अलावा यदि किसी घर में महिला या बच्चे के साथ किसी प्रकार की हिंसा होती है या घरों में शौचालय आदि की व्यवस्था नहीं है तो इसकी जानकारी वह अधिकारियों को देंगे । जिस रास्ते से महिलाओं और बच्चों का अमूमन आना-जाना होता है, वहां अँधेरा होने पर उनके साथ किसी भी तरह की अनहोनी का अंदेशा प्रकट करते हुए वहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराने के बारे में भी प्रशासन से मांग रख सकते हैं ।
घरेलू हिंसा, दहेज़ शोषण, शारीरिक और मानसिक शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, यौनिक हिंसा और छेड़छाड़ का विरोध करने और निगरानी करने, सम्बंधित हेल्पलाइन और पुलिस में रिपोर्ट करने का भी काम शक्ति चैम्पियंस करेंगे। अपने क्षेत्र के पुलिस थाना/चौकी के पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से महिला व बाल शोषण के रोकथाम के लिए संवाद, जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम भी वह आयोजित करेंगे ।

संबंधित समाचार

Post navigation

Previous: टीबी रोगियों की पहचान के लिए मिली तीन ट्रू-नेट मशीन
Next: निर्वाचन के सकुशल संचालन हेतु बैठक सम्पन्न

हो सकता है आप चूक गए हों

8063adb5-9185-4f73-a072-c4f9de9aa444

सम्पूर्ण समाधान दिवस में 576 शिकायतें प्राप्त, 58 का मौके पर निस्तारण

ब्यूरो 06-06-2026
CSF-Logo-500x280

माटीकला कारीगरों को निःशुल्क मिलेगा विद्युत चाक, 15 जून तक आवेदन

ब्यूरो 06-06-2026
CSF-Logo-500x280

स्थायी लोक अदालत में सदस्य पद हेतु आवेदन आमंत्रित

ब्यूरो 06-06-2026
220cc083-b67d-4913-a5d1-92e41a9f883e

विश्व पर्यावरण दिवस पर एनसीसी कैडेटों ने जगाई हरित चेतना, वृक्षारोपण कर दिया संरक्षण का संदेश

ब्यूरो 05-06-2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.