Skip to content
City Super Fast News

City Super Fast News

Your Voice…

Primary Menu

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हुई समीक्षा बैठक

ब्यूरो 01-10-2022

हमारे पोस्ट को करें:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Tumblr (Opens in new window) Tumblr
  • Share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
IMG-20221001-WA0008

ग़ाज़ीपुर (1 अक्टूबर 22)। 10 साल से 19 साल तक के किशोर और किशोरियों में एनीमिया से बचाव के लिए राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जाता है। जिसको लेकर आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार की अध्यक्षता में जनपद के समस्त ब्लॉकों से आए हुए बीपीएम, आरबीएसके टीम के साथ ही सीडीपीओ के साथ समीक्षा बैठक किया गया। इस समीक्षा बैठक में एनआई के लोग भी शामिल रहे।

प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने बताया कि पिछले 2 साल से कोरोना के चलते राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम जो बंद था। यह योजना सभी विद्यालयों में आने वाले किशोर और किशोरियों को लेकर चलाया जाता है। लेकिन स्कूल बंद होने के कारण योजना बंद थी। लेकिन अब एक बार फिर से इस योजना का शुरुआत हुआ है। जिसको लेकर अब तक के हुए कार्यों की समीक्षा बैठक किया गया है। साथ ही आने वाले समय में और कितना बेहतर किया जा सकता है इसके बारे में भी रणनीति बनाई गई। उन्होंने बताया कि जनपद में यह कार्यक्रम सभी ब्लाको में संचालित किया जा रहा है।

एनआई की सुनीता सिंह ने बताया कि किशोर और किशोरियों को स्वस्थ रहने के लिए तीन बातें अपनाने जरूरी है । जिसमें एनीमिया से बचाव के लिए 10 साल से 19 साल की किशोरी जो हर हफ्ते आगनबाडी से मिलने वाली आयरन की एक नीली गोली और 6 माह पर एक बार पेट के कीड़े मारने की दवाई एल्बेंडाजोल का सेवन अवश्य करें। इसके अलावा प्रतिदिन संतुलित पौष्टिक भोजन जैसे अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल व मांसाहारी है तो मीट,अंडा, मछली खाएं और खूब पानी पिए। साथ ही विटामिन सी युक्त आंवला नींबू इत्यादि का प्रयोग करें। और रोजाना खेलकूद भी करती रहें।

उन्होंने बताया कि बच्चों को एनीमिया यानी खून की कमी से बचाने के लिए हर हफ्ते एक आयरन की गोली अवश्य दें। साथ ही स्कूल में नामांकन 5 साल से 9 साल के सभी बच्चों को आईएफए की गुलाबी गोली और 10 साल से 19 साल के सभी बच्चों को आईएफए की नीली गोली देने के लिए सप्ताहिक रूप से 1 दिन सुनिश्चित करें। सभी बच्चों को हर हफ्ते दी जाने वाली आईएफ़ए की गोली खाने के लिए प्रेरित करें। कक्षा 6 वीं से 12वीं के सभी बच्चों को आईएफए की नीली गोली दे। बच्चों को मध्यान्ह भोजन के बाद आईएफ ए की गोली दे। मध्यम और गंभीर रूप से एनीमिक वाले बच्चों की पहचान करें और उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर करें। छात्रों को आईएफए की गोली और संतुलित आहार के लाभ के बारे में भी उन्हें समय-समय पर जागरूक करते रहे।

इस कार्यक्रम में डीपीएम प्रभुनाथ, एबीएसए अविनाश राय के साथ ही सभी ब्लॉकों की सीडीपीओ, एबीएसए, बीपीएम के साथ ही आरबीएसके और आरकेएसके टीम के डॉक्टर की टीम रही।

संबंधित समाचार

Post navigation

Previous: चोरी के माल के साथ तीन शातिर गिरफ्तार
Next: सम्पूर्ण समाधान दिवस में 48 प्रार्थना पत्रो का हुआ निस्तारण

हो सकता है आप चूक गए हों

CSF-Logo-500x280

चार वर्षीय मासूम की हत्या के दोषी को मृत्युदंड, अदालत ने लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना

ब्यूरो 11-06-2026
8ef6d3fd-9f62-4820-bb76-1a91448c6120

मई में 41 आपराधिक वादों का निस्तारण, 13 मामलों में हुई सजा

ब्यूरो 11-06-2026
4c822df6-3a25-4398-94fe-8f309aa71771

दहेज उत्पीड़न मामले में वांछित दंपती गिरफ्तार

ब्यूरो 11-06-2026
CSF-Logo-500x280

ऑपरेशन कन्विक्शन: पॉक्सो एक्ट के दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा

ब्यूरो 09-06-2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.