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भगवान की कोई जाति नहीं होती बल्कि वह सभी के लिए पूज्य होते है-भाजपा नेता बीके त्रिवेदी

ब्यूरो 23-04-2023

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जमानियाँ (गाजीपुर)। स्थानीय स्टेशन बाजार स्थित बजरंग कालोनी में इं० युगुल किशोर सिंह के आवास पर परशुराम जन सेवा समिति के तत्वाधान में अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर शनिवार की शाम हीरालाल उपाध्याय की अध्यक्षता में भगवान परशुराम की जयंति हर्षोउल्लास के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता बीके त्रिवेदी ने भगवान परशुराम के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालने हुए कहा कि इनके जीवन से अन्याय व अत्याचार के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा मिलती हैं। इस संसार में ब्राह्मण ही एक ऐसा है जिसके पेट में रोटी हो या न हो लेकिन होठों पे विश्व कल्याण की भावना जरूर होती हैं। जब-जब सनातन धर्म पर विदेशी आक्रांताओं ने घात किया तब-तब ब्राह्मण ने अपनी शिखा को खोलकर सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति की रक्षा करते हुए सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बाधने का प्रयत्न किया। भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में भगवान परशुराम थे। भगवान की जाति नहीं होती बल्कि भगवान सभी के लिए पूज्य होते है। विशिष्ट अतिथि भगवताचार्य मनीष परासर ने कहा कि भगवान परशुराम द्वारा सम्पूर्ण क्षत्रियों के 21 बार नाश करने की बात मिथ्या है, क्योंकि ब्रिटिश काल में इस मिथ्या का प्रचार करके राजपूत व ब्राह्मणों को लड़ानें की साजिश रची गई थी। भगवान परशुराम ने क्षत्रिय समाज के हैहय वंश के राजा सहस्त्रार्जुन के वंश को 21 बार में नाश किया था, क्योंकि सहस्त्रार्जुन के पुत्रों ने इनके पिता जमदग्नि ऋषि के शरीर पर 21 घाव करके हत्या कर दिये है। उसी का यह प्रतिशोध था।
भगवान परशुराम का क्षत्रियों से काफी लगावा था। प्रभु श्रीराम, पितामह भीष्म व कर्ण इन्हीं के शिष्य थे और इन्होंने अपने शिष्यों को शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा दी थी। आभार व्यक्त करते हुए समिति के अध्यक्ष स्वंय प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि ब्राह्मण जाति नहीं बल्कि उपाधि है। धर्म, ज्ञान, सत्य व संस्कार का पालक करके कोई भी मनुष्य ब्राह्मणत्व को प्राप्त कर सकता है। उक्त मौके पर मनोज बाबा, वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश त्रिपाठी, उपेंद्र सिंह शिवजी, कुंदन पाण्डेय, जयप्रकाश गुप्ता, संत हल्ला बाबा, श्यामबिहारी सिंह, अवधबिहारी सिंह, इं० युगल किशोर सिंह, वीरबहादुर सिंह, रामप्रताप तिवारी, अशोक तिवारी, संजय सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, रमाकांत पाण्डेय, गोरखनाथ सिंह, रमाकांत तिवारी, दिवाकर पाण्डेय, पप्पू राय आदि लोग मौजूद रहे। संचालन ज्योतिषाचार्य संतोष पाण्डेय व राकेश सिंह मन्टू ने किया।

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