गाजीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र में वन महोत्सव अंकुशपुर के फार्म पर पौधरोपण कर मनाया गया।
शुक्रवार को केवीके के कृषि फार्म में दर्जनों की संख्या में ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाए गए और उसके संरक्षण का संकल्प लिया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष आर सी वर्मा जी द्वारा वृक्ष के महत्व एवं पौधारोपण पर अन्नदाता किसानों को इसके महत्व को बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ जेपी सिंह ने कहा कि वृक्षों के बिना हमारा जीवन शून्य है। वृक्ष ना सिर्फ हमें ऑक्सीजन प्रदान करते है, बल्कि कार्बन डाइआक्साइड जैसे हानिकारक गैसों को अपने अंदर अवशोषित करते हैं। जिसकी वजह से हमारे आस-पास का वातावरण शुद्ध और ताजी हवा का संचार होता रहता है। उद्यान वैज्ञानिक डॉ शशांक सिंह ने कहा कि दुनिया में किसी भी देश का वातावरण उस देश की वर्षा और वायुमंडलीय तापमान पर निर्भर करता है और किसी भी देश की वर्षा और वायुमंडलीय तापमान उस देश के वृक्षों पर निर्भर करता है। पेड़ों से वर्षा का संतुलन बना रहता है, जिससे कृषि को बहुत फायदा होता है। मृदा वैज्ञानिक डॉ अविनाश कुमार राय ने कहा कि पेड़-पौधों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। पेड़ से हमें फल, पशु चारा, जलाने के लिए लकड़ियां, फर्नीचर बनाने के लिए लकड़ियां प्राप्त होती हैं। मेड़ पर फलदार तथा फूलों के पौधे लगाने से फल और फूल तो मिलते ही हैं साथ ही साथ छाया मिलती है और पत्तियों के गिरने से खेत की उर्वरा शक्ति में विकास होता है। कोविड-19 के संकट काल में आक्सीजन की कमी पर चर्चा करते हुए अधिक आक्सीजन देने वाले पौधे पीपल, बरगद, नीम, बेल आदि लगाने पर जोर दिया गया। वैज्ञानिक डॉ शशांक शेखर ने नीम, तुलसी एवं अर्जुन के औषधीय गुणों को विस्तारपूर्वक बताया। वैज्ञानिक डा. एके सिंह ने कहा कि वृक्षों का सबसे पहला फायदा यह है की, उसने हमें खाने के लिए फल और सब्जियां दी हैं। वैज्ञानिक डा. नरेंद्र प्रताप ने कहा कि पौधारोपण का प्रचलन प्राचीनकाल से ही चला आ रहा है। सड़कों के किनारे बौद्ध भिक्षुओं, सम्राट अशोक, शेरशाह सूरी तथा मुगल बादशाहों के द्वारा भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया। बढ़ती हुई जनसंख्या तथा जंगलों पर पड़ने वाले दबाव को ध्यान में रखते हुए हर मेड़ पर पेड़ लगाने की सोच एक अद्भुत निर्णय है। पेड़-पौधों की जड़ों, पत्तियों, फल और फूलों का उपयोग करके कई प्रकार की जीवनरक्षक दवाएं बनाई जाती हैं। जिससे हमें गंभीर रोगों के इलाज में मदद मिलती है। वरिष्ठ विज्ञानी के हेड डॉ आर सी वर्मा कहा कि एक पेड़ 50 साल में 17.50 लाख रुपये की आक्सीजन देते हैं। 41 लाख रुपये के पानी का रिसाइक्लिग करता है तथा 35 लाख रुपये के वायु प्रदूषण का नियंत्रण एवं 18 लाख रुपये के जमीन कटाव के खर्च को रोकता है। वृक्षों का हमारे जीवन में अमूल्य योगदान है। जीवन की दृष्टि से पर्यावरण मानव के लिए सर्वोच्च जरुरत है। जल, जंगल और जमीन तीनों उसके प्रमुख आधार हैं। सौरमंडल में पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जिसपर जीवन है क्योंकि यहाँ पर पेड़-पौधे उपस्थित है। केवीके परिसर कर्मचारी गण एवं प्रगतिशील महिला-पुरूष किसानों ने वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया। सभी प्रगतिशील महिला-पुरूष किसानों को अमरूद तथा सुबूबल के पौधे वितरित किया गया। उद्यान वैज्ञानिक डा. शशांक सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया