गाजीपुर। मकर संक्रांति के पर्व पर करंडा क्षेत्र के चोचकपुर स्थित मौनी बाबा धाम पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर स्नान कर मौनी बाबा धाम में पूजा अर्चना करने के बाद गरीबों को अन्न, वस्त्र, द्रव्य का दान कर पुण्य अर्जित किया। सुरक्षा के दृष्टिगत थानाध्यक्ष दिनेश चंद्र पटेल अपनी फोर्स के साथ सुबह करीब चार बजे से ही तैनात रहे। भोर से लोग मौनी बाबा धाम पर पहुंचने लगे थे। स्नानार्थियों की सुरक्षा को लेकर बिना कोई आदेश के ही बेचारे बेरोजगार आपदा मित्र तैनात रहे। भीड़ को देखते हुए महिला कांस्टेबल के साथ- साथ पुलिस फोर्स चाक चौबंद रही।
मकर संक्रांति:
मकर संक्रांति भारत का एक प्रमुख त्योहार है, जो हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है और इसे सर्दियों के समाप्त होने और गर्मियों की शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जाता है। यह मुख्य रूप से फसल कटाई का त्योहार है और विभिन्न राज्यों में इसे अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है।
धार्मिक महत्व: इस दिन को पुण्यकाल माना जाता है। लोग गंगा, यमुना, गोदावरी या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दान-पुण्य करते हैं।
सूर्य की पूजा व फसल कटाई: सूर्य देव को धन्यवाद देने का दिन है क्योंकि वे जीवनदायिनी ऊर्जा का स्रोत हैं। यह समय नई फसल के स्वागत का होता है।यह त्यौहार इसका प्रतीक भी है। यह त्यौहार खुशियों, आपसी मेलजोल और नई ऊर्जा का प्रतीक है।
