जमानिया। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम महली के पास बुधवार की देर रात गोवंश लदी पिकअप पलटने से सात गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गोवंश को बचाकर तस्कर फरार हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बरुइन-दिलदारनगर माइनर सड़क पटरी से गुजर रही एक पिकअप महली गांव के पास पलट गई। हादसे में सात गोवंश की मौत हो गई। घटना के बाद तस्करों ने रात में ही दो ट्रैक्टरों की सहायता से पलटी हुई पिकअप को निकालने का प्रयास किया, लेकिन उजाला होते ही ग्रामीणों की मौजूदगी के कारण दो गोवंश को पिकअप पर लादकर फरार हो गए। गंधुतालुका क्षेत्र पशु तस्करी का सेफ जोन बनता जा रहा है। बिहार बॉर्डर से सटे होने के कारण पशु व शराब तस्कर देवढ़ी और बड़ौरा पुल के जरिए आसानी से बिहार प्रांत में प्रवेश कर जाते हैं।
गौरतलब है कि योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद इस क्षेत्र में पशु तस्करी का खेल बदस्तूर जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देवैथा और अभईपुर में पुलिस चौकियां होने के बावजूद तस्करों की गतिविधियां नहीं रुक रही हैं। पिछले वर्ष दाउदपुर संपर्क मार्ग पर गोवंश से भरा वाहन पलटने से एक बड़ा तस्करी मामला सामने आया था। इसी तरह, 21 जनवरी को चक्काबांध के पास भी गोवंश से भरा वाहन पलटने से कई गोवंश की मौत हो गई थी और कुछ को कान्हा गौशाला भेजा गया था। स्थानीय लोग और हिंदू संगठनों में इन घटनाओं को लेकर रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गोवंश से लदे वाहन नहीं पलटते, तब तक तस्करी का खेल अनजान बना रहता है। पुलिस अज्ञात गो तस्करों के विरुद्ध अभियोग तो पंजीकृत करती है, लेकिन उन्हें पकड़ने में विफल रहती है। इससे तस्करों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन बुलाकर पिकअप को बाहर निकाला और अपने कब्जे में लेकर कोतवाली भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक अशेष नाथ सिंह ने बताया कि वाहन को जब्त कर लिया गया है और गोवंशों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।