गाजीपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर जिला कुष्ठ अधिकारी डा0 राम कुमार गाजीपुर ने बताया कि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत दिनांक 30 जनवरी 2025 से 13 फरवरी, 2025 तक राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस एवं स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान जनपद के समस्त ग्राम सभा/पंचायत/नगरीय वार्ड में चलाया जाएगा।
इस अभियान में कुष्ठ रोग की जानकारी हेतु जागरूकता के माध्यम से बताया जायेगा की कुष्ठ रोग क्या होता? कुष्ठ रोग माइक्रोबैक्टीरियम लैप्रो नामक रोगाणुओं से होता है। यह कोई जन्म से या पैतृक रोग नही है। इसके लक्षणों में शरीर के चमड़ी पर हल्के रंग का समतल या उभरा हुआ दाग जिसमें सुन्नता हो, हाथ पैर के नसाों में मोटापन, सूजन, झनझनाहट एवं हाथ-पैर के तलवे में सुन्नता हो मुख्य रूप से नजर आते है। इसके उपचार हेतु एम0डी0टी0 दवा सर्वाधिक उपयोगी है। और यदि रोग पहचान के तुरन्त बाद उपचार शुरू कर दिया जाय तो विकलांगता से भी बचा जा सकता है।
आगे उन्होने बताया कि कुष्ठ सिर्फ एक रोग है, पाप या कोई अभिशाप नही।इसलिए “दाग, चक्कता, सुन्न निशान, कुष्ठ रोग की पहचान, बहु औषधि उपचार कराये, कुष्ठ रोग से दूर भगाये, जन सहयोग की शक्ति से कुष्ठ मिटे हर बस्ती से” का संकल्प लिया जाय। कुष्ठ से विकलांग हुए रोगियों का निःशुल्क सर्जरी होता है एवं सर्जरी के उपरान्त मरीज को रू0 8000 हजार मानदेय तीन किस्तों में दिया जाता है। नये कुष्ठ रोगी जिसमें विकलांगता के लक्षण न हो, को आशा, ऑगनबाड़ी वर्कर या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा जॉच हेतु सामु0/प्राथ0 स्वा0 केन्द्र/चिकित्सालय में लाने पर एवं कुष्ठ रोग की पुष्टि होने पर एक मरीज पर रू0 250.00 मानदेय और यदि ऐसे रोगी में विकलांगता पलिक्षित है, तो मानेदय रू0 200.00 दिया जायेगा।