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रेप के आरोपी की गिरफ्तारी, पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

ब्यूरो 11-02-2025

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गाजीपुर। अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार दूबे ,उ0नि0 मधुसूदन पाण्डेय द्वारा पूरी टीम समेत मुखबिर खास की सूचना पर अभियुक्त विजय कुमार पुत्र शंकर राम निवासी ग्राम रायपुर थाना नोनहरा , जनपद गाजीपुर , उम्र करीब 30 वर्ष को ग्राम इग्लिंशपुर के बगल बौद्ध धम्म मन्दिर पानी टंकी के पास से गिरफ्तार किया गया गिरफ्तारशुदा अभियुक्त के अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेज दिया गया।

रेप (बलात्कार) एक जघन्य अपराध और गंभीर सामाजिक समस्या है। भारत में बलात्कार की घटनाएँ एक गंभीर सामाजिक और कानूनी चुनौती बनी हुई हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में देशभर में कुल 31,516 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए। इनमें से राजस्थान में सबसे अधिक 5,399 मामले सामने आए, इसके बाद उत्तर प्रदेश में 3,690 और मध्य प्रदेश में 3,029 मामले दर्ज किए गए।

चिंताजनक बात यह है कि बलात्कार के 96% मामलों में आरोपी पीड़िता का परिचित होता है। इनमें से 2,324 मामलों में आरोपी परिवार का सदस्य, 14,582 मामलों में लिव-इन पार्टनर या दोस्त, और 13,548 मामलों में पारिवारिक मित्र या पड़ोसी थे। हालांकि, बलात्कार के मामलों में दोषसिद्धि की दर कम है। 2022 में, दर्ज किए गए बलात्कार के मामलों में से केवल 18,000 मामलों में ही ट्रायल पूरा हुआ, जिनमें से 5,000 मामलों में दोषी को सजा मिली, जबकि 12,000 से अधिक मामलों में आरोपी को रिहा कर दिया गया। इस प्रकार, भारत में बलात्कार के मामलों में सजा की दर लगभग 27% है।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी वृद्धि देखी गई है। 2022 में, महिलाओं के खिलाफ कुल 4,45,256 अपराध दर्ज किए गए, जो 2021 की तुलना में 4% अधिक है। इनमें से सबसे अधिक मामले ‘पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता’ (31.4%) के थे, इसके बाद ‘महिलाओं का अपहरण’ (19.2%), ‘शील भंग करने के इरादे से हमला’ (18.7%), और ‘बलात्कार’ (7.1%) के मामले थे। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत में महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय है, और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

 

 

 

 

 

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