गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, विकास कार्यों एवं राजस्व संबंधी मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएम डैशबोर्ड (दर्पण) के आधार पर विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपनी योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाते हुए प्रत्येक माह की 25 तारीख तक संबंधित पोर्टल पर अद्यतन जानकारी अपलोड करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को इसके बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। वहीं जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने के लिए अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) को निर्देशित किया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक कार्य नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में विद्युत, पशुपालन, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), जल जीवन मिशन, पर्यटन, लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क अनुरक्षण एवं निर्माण, भवन निर्माण, पंचायती राज, शादी अनुदान योजना, निराश्रित गोवंश संरक्षण, पारिवारिक लाभ योजना, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, श्रम एवं सेवायोजन विभाग सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय विकास योजनाओं एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक त्वरित एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की लाभकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय, परियोजना निदेशक, डीसी मनरेगा, अर्थ एवं संख्याधिकारी तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सभी उपजिलाधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।