हिट एंड रन दुर्घटना में पीड़ितों को मिल रही है आर्थिक सहायता, गाजीपुर में तीन लाभार्थियों को मिला मुआवजा
गाजीपुर। सड़क दुर्घटनाओं में हिट एंड रन मामलों को लेकर भारत सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजना के तहत पीड़ितों को आर्थिक सहायता और कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की हिट एंड रन दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है तो उसके कानूनी उत्तराधिकारी को दो लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह सहायता निश्चित अस्पतालों में कैशलेस इलाज के रूप में भी मिल सकती है। इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए पीड़ित या उनके परिजन [email protected] से फार्म-1 और फार्म-4 डाउनलोड कर सकते हैं। ये फार्म भरकर दावा जांच अधिकारी को जमा करने होते हैं। अधिकारी फार्म-2 के साथ अपनी रिपोर्ट क्लेम सेटलमेंट कमिश्नर को भेजते हैं, जिसके बाद फार्म-3 के जरिए मंजूरी मिलती है। इसके उपरांत 15 से 45 दिन के भीतर ई-पेमेंट के माध्यम से भुगतान कर दिया जाता है।
फार्म-4 के रूप में शपथ पत्र देना अनिवार्य है। अधिकारी ने बताया कि जनपद गाजीपुर में इस योजना के अंतर्गत अब तक तीन लोगों को लाभ मिल चुका है। इनमें स्व. प्रीतम गुप्ता (पुत्र- जोखन साह), स्व. राजू बारी (पुत्र- मुन्ना बारी, निवासी- ग्राम रेवतीपुर पट्टी, तेजमल राय, तहसील सेवराई) और स्व. गौरव तिवारी (पुत्र- प्रवेश तिवारी, निवासी- मकान नं. 38/53, हौज कटोरा, थाना दशाश्वमेघ, वाराणसी) शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुआवजे के लिए फार्म-1 के साथ एफआईआर/पुलिस रिपोर्ट, चिकित्सा अथवा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पहचान पत्र, पता प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण, क्लेम करने वाले का रिश्ते का प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) संलग्न करना आवश्यक है। यदि अन्य किसी योजना से मुआवजा लिया गया है तो उसकी जानकारी भी फार्म-4 में देनी होगी।