गाजीपुर, करंडा। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की तुलापट्टी शाखा में सोने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। दो युवकों ने मिलावटी गहने गिरवी रखकर बैंक से लाखों रुपये का लोन ले लिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक ने गिरवी रखे गए गहनों की जांच करवाई और वे नकली पाए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रमाकांत सिंह कुशवाहा, पुत्र सुबेदार सिंह कुशवाहा (निवासी चकमोलना, नोनहरा), ने 24 अप्रैल 2024 को ₹2,12,000 का गोल्ड लोन लिया था। वहीं, अभय सिंह, पुत्र जगदीश सिंह (निवासी चकमुकुंद, बरतर), ने 13 अप्रैल 2023 को ₹90,000 रुपये का लोन हासिल किया।
दोनों ने गिरवी के तौर पर जो आभूषण जमा किए थे, जांच में वे नकली और धातु से बने पाए गए। यह सोची-समझी साजिश सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने करंडा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। शाखा प्रबंधक सुभाष कुमार रजक की तहरीर पर पुलिस ने मामला पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है।
अब यह देखना अहम होगा कि कानून इन जालसाज़ों को कब तक शिकंजे में लेता है और क्या बैंकिंग सिस्टम में ऐसी गोल्ड लोन स्कीमें फिर से ठगी का माध्यम बनेंगी या उन पर कोई सख्त निगरानी लागू होगी?