गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में एक अहम समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों, 50 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्यों तथा क्रिटिकल गैप्स की मासिक समीक्षा की गई।बैठक में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं जैसे आवास विकास परिषद, सी.एण्ड डी.एस., जल निगम (शहरी/ग्रामीण), लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्र विभाग, सिंचाई विभाग, यूपी सिडको, यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन, पुलिस आवास निगम, राजकीय निर्माण निगम, राज्य निर्माण सहकारी संघ आदि के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के सी.डी.-1 और सी.डी.-3 के अधिशासी अभियंताओं की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई और उनके वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने तथा स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी गति और तय समय-सीमा में कार्य न पूर्ण करने पर नाराजगी जाहिर की। जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्ध, मानक और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन कार्यों में धनावंटन हो चुका है, फिर भी कार्य प्रगति नहीं कर रहे हैं, उनके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में अनियमितता या देरी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय होगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक राजेश यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, अर्थ एवं संख्याधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी समेत संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।