गाजीपुर। मंडलायुक्त वाराणसी एस. राजलिंगम ने मंगलवार को जनपद गाजीपुर के कलेक्ट्रेट परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न पटलों, न्यायालय कक्षों एवं अभिलेख कक्ष का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अपर उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय कक्ष में लंबित मामलों पर असंतोष जताते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि पुराने पेंडिंग केसों का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके पश्चात वे जिला सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने जीसी लिपिक शंभु कुमार से सबसे पुरानी विभागीय कार्रवाई और अनुपालन आख्या की जानकारी मांगी।
अनुपालन आख्या प्रस्तुत न किए जाने और कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाएं अद्यतन न पाए जाने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टिकरण तलब किया। उन्होंने पत्रावलियों की भी जांच की, जिनमें कई कमियां पाई गईं। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यालय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगली बार ऐसी स्थिति पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी पटलों के रजिस्टर और अभिलेख अद्यतन रखे जाएं।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने की है, और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अविनाश कुमार, अपर जिलाधिकारी वि./रा. दिनेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, अपर उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर यादव, डिप्टी कलेक्टर सालिक राम, डिप्टी कलेक्टर आशुतोष कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।