गाजीपुर। नंदगंज थाना क्षेत्र के सिहोरी गांव निवासी 50 हजार रुपये का इनामी कुख्यात अपराधी विशाल पासी को आखिरकार पुलिस ने चंदौली जनपद के मुराहूपुर तिराहे पर 10 जून की रात लगभग 12:30 बजे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस मुठभेड़ में विशाल पासी के पैर में गोली लगी है और वह फिलहाल पुलिस संरक्षण में जिला अस्पताल में भर्ती है। विशाल पासी की गिरफ्तारी से नंदगंज और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय बाद अमन-चैन का माहौल बना है। इस दुर्दांत अपराधी का आपराधिक इतिहास वर्ष 1999 में दर्ज पहले मुकदमे से शुरू हुआ था और इसके बाद उसने कई जघन्य वारदातों को अंजाम दिया। वर्ष 2002 में बरठी गांव के रामप्रसाद बिंद की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा मिली थी, लेकिन उच्च न्यायालय से जमानत पर छूटकर वह गवई राजनीति में कूद पड़ा।
पहली बार ग्राम प्रधान का चुनाव हारने के बाद दूसरी बार वह जीत गया और फिर गांव में अपनी दबंगई कायम रखने के लिए गैंग बनाकर अपराध की राह पर चलता रहा। उसके खिलाफ गांव में साथ देने वाले लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाना, आपसी विवाद कराना और हत्या कराना आम बात थी। 2007 में गांव के ही प्रवीण राय उर्फ रिंकू द्वारा पट्टीदार चाचा मनोज राय की हत्या में भी उसका नाम सामने आया, लेकिन पुलिस जांच में वह बरी हो गया। विशाल दो बार और उसकी पत्नी विमली देवी एक बार ग्राम प्रधान रह चुकी हैं। वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त फौजी शशिकांत राय की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। शशिकांत पहले उसका समर्थक था लेकिन जब विरोध किया तो उसकी हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड में विशाल पांच साल तक जेल में रहा और जनवरी 2024 में जमानत पर रिहा हुआ। जमानत पर छूटने के एक माह बाद ही अमलधारी यादव की फोरलेन पर हत्या कर फरार हो गया। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद वह गिरफ्त से बाहर रहा। न्यायालय के आदेश पर उसके घर की कुर्की की गई और 25 हजार का इनाम घोषित किया गया।
1 मई को विशाल पासी ने चंदौली जनपद के धानापुर थाना क्षेत्र में रायपुर निवासी राजकुमार यादव उर्फ मुटुन की हत्या कर दी। इसके बाद चंदौली पुलिस ने भी उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। गाजीपुर और चंदौली पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार दबिश दे रही थीं और आखिरकार 10 जून को मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया। विशाल पासी का परिवार भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है। उसके पिता लालचंद पासी त्रिवेणी राय की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। वहीं, उसका पुत्र सतपाल पासी बनारस में एक बैंक मैनेजर की हत्या में आरोपी है और पत्नी विमली देवी व भाई धर्मपाल पासी अमलधारी यादव की हत्या के मामले में न्यायालय से जमानत पर हैं। विशाल पासी पर गाजीपुर और चंदौली जनपद में कुल 26 संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, गैंगेस्टर एक्ट, जिला बदर, छिनैती, मारपीट जैसे अपराध शामिल हैं।